देश की सीमा पर मुस्तैद फौजी का परिवार भय के साए में, पैतृक जमीन पर दबंगों की नीयत खराब
मुंडावर / खैरथल-तिजारा (देवराज मीणा)।
जो फौजी दिन-रात सीमा पर मुस्तैद रहकर देश के करोड़ों नागरिकों की सुरक्षा करता है, आज वही जवान अपने ही गांव में अपनी पैतृक जमीन और परिवार की सलामती के लिए प्रशासनिक चौखटों के चक्कर काटने को मजबूर है। खैरथल-तिजारा जिले की हरसौली तहसील के झाड़का निवासी और भारतीय थल सेना में कार्यरत सैनिक महेश कुमार ने भू-माफियाओं और दबंगों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
मारपीट, धमकी और जबरन रजिस्ट्री की कोशिश
उपखंड अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित सैनिक ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोग शराब के नशे में उनके साथ आए दिन मारपीट और मानसिक प्रताड़ना कर रहे हैं। दबंग उनकी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा करने की फिराक में हैं और विरोध करने पर जबरन जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। फौजी का कहना है कि आरोपी उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे उनका परिवार गहरे डर और दहशत के साए में जीने को मजबूर है।
"सीमा पर देश बचाऊं या गांव में अपना घर?"
पीड़ित सैनिक महेश कुमार ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वे भारतीय थल सेना में तैनात रहकर पूरी निष्ठा से देश की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि उन्हें खुद की जमीन और अपनों की सुरक्षा के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सैनिक ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पहले भी स्थानीय पुलिस को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस व प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन से लगाई गुहार, निष्पक्ष जांच की मांग
सैनिक महेश कुमार ने उपखंड प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने, उनकी पैतृक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और उनके परिवार को तुरंत सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि सरहद पर देश का सिर ऊंचा रखने वाले इस जवान की फरियाद पर प्रशासन कितनी त्वरित और सख्त कार्रवाई करता है।


