किसानों को कृषि यंत्रों के लिए मिलेगी बड़ी मदद, SMAM योजना से आसान होगी खेती
आज के दौर में अगर खेती से मोटा मुनाफा कमाना है, तो पुरानी तकनीकों को छोड़कर मॉडर्न और हाईटेक होना ही पड़ेगा। लेकिन एक यह भी है कि ट्रैक्टर, कल्टीवेटर और कंबाइन हार्वेस्टर जैसी बड़ी कृषि मशीनें खरीदना हर किसान के बजट में नहीं होता। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह एक बहुत बड़ा सपना बनकर रह जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार एक बेहद शानदार स्कीम चला रही है।
SMAM यानी Sub-Mission on Agricultural Mechanization योजना इस योजना का मकसद किसानों के कंधों से मेहनत का बोझ कम करना और उनकी जेब पर पड़ने वाले खर्च को आधा करना है।
इन आधुनिक मशीनों पर मिलेगी भारी-भरकम सब्सिडी
SMAM योजना के तहत सरकार किसानों को कोई छोटी-मोटी मदद नहीं बल्कि खेती में काम आने वाले लगभग हर छोटे-बड़े आधुनिक कृषि यंत्र पर छूट दे रही है। इस लिस्ट में ट्रैक्टर, पावर टिलर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, बुवाई करने वाली मशीनें और फसल काटने वाले हार्वेस्टर जैसे उपकरण शामिल हैं। इस स्कीम में अलग-अलग राज्यों और कैटेगरी के हिसाब से 40 से लेकर 50 परसेंट तक की सब्सिडी दी जाती है।
जो मशीन बाजार में बहुत महंगी मिलती है, वह आधी कीमत पर मिल सकती है। इसके अलावा जो लोग कस्टमाइज्ड हायरिंग सेंटर यानी कृषि मशीन व्यापार खोलना चाहते हैं। उन्हें सरकार की तरफ से और भी बड़ी आर्थिक मदद मिलती है जिससे वह दूसरे किसानों को मशीनें किराए पर दे सकें।
घर बैठे करें अप्लाई
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और कतारों में खड़े होने की कोई जरूरत नहीं है। योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर घर बैठे अपने मोबाइल या नजदीकी सीएससी सेंटर से आवेदन कर सकते हैं। अप्लाई करने के लिए आधार कार्ड, जमीन के दस्तावेज, बैंक पासबुक की कॉपी, एक पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर होना जरूरी है।
आवेदन करते समय अपनी कैटेगरी जैसे छोटे, सीमांत या महिला किसान इसकी सही जानकारी दें। क्योंकि सरकार इन वर्गों को प्राथमिकता और विशेष छूट देती है। फॉर्म सबमिट होने और वेरिफिकेशन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।


