नारी निकेतन की अनाथ बेटियों का धूमधाम से हुआ विवाह, जिला प्रशासन और भामाशाहों ने निभाया ‘मायके’ का फर्ज
भरतपुर (कोश्लेंद्र दत्तात्रेय )। जिला मुख्यालय स्थित नारी निकेतन में बुधवार को एक अनोखा और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब वर्षों से यहाँ रह रहीं दो अनाथ बेटियों—गायत्री और लक्ष्मी—का विवाह पूरे रीति-रिवाज, मान-सम्मान और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित इस समारोह में पूरा प्रशासनिक अमला बेटियों का 'मायका' बनकर खड़ा नज़र आया।
पारदर्शी प्रक्रिया से चुने गए योग्य वर
जानकारी के अनुसार, समाज कल्याण विभाग ने समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर योग्य वरों से आवेदन आमंत्रित किए थे। वरों की पृष्ठभूमि और योग्यता की गहन जांच-पड़ताल के बाद विवाह तय किया गया। बुधवार को जयपुर से दूल्हे हरीश और बारां से दूल्हे दिलीप गाजे-बाजे के साथ बारात लेकर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बारातियों की पारंपरिक तरीके से अगवानी की और खातिरदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी।
कलेक्टर ने दिया आशीर्वाद, कहा— "पुनर्वास हमारी प्राथमिकता"
समारोह में पहुंचे जिला कलेक्टर कमल चौधरी ने वरमाला की रस्म के बाद दोनों नवदंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा:
"अनाथ बच्चों का सम्मानजनक पुनर्वास और उनका सहयोग करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। इसी मंशा के तहत आज इन बेटियों का घर बसाया गया है।"
भामाशाहों ने दिल खोलकर किया सहयोग
शादी को भव्य और यादगार बनाने में भरतपुर के दानदाताओं (भामाशाहों) ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बेटियों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान भेंट स्वरूप दिया गया। इस पुनीत कार्य में भुसावर निवासी समाजसेवी श्री चंद्र प्रकाश सोनी ने अनुकरणीय पहल करते हुए ₹4 लाख का आर्थिक सहयोग प्रदान किया।
बिना दहेज शादी रचाकर खुश दिखे दूल्हे
बिना किसी दहेज-दबाव के सादगी और सम्मान के साथ शादी रचाकर दोनों दूल्हे हरीश और दिलीप बेहद खुश नजर आए। जिला प्रशासन और शहरवासियों के इस मानवीय प्रयास की पूरे जिले में जमकर सराहना हो रही है।


