राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश, 15 अगस्त तक गृह क्षेत्र में तैनात कार्मिक को बदला जाएगा
जयपुर (कमलेश जैन) निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जो अपने गृह जिले गृह उपखंड या ग्रह पंचायत क्षेत्र में कार्यरत है अथवा लंबे समय से एक ही स्थान पर पद स्थापित है। उन्हें चुनाव से पहले स्थानांतरित किया जाए।
निर्वाचन आयोग का मानना है, कि जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे। आयोग ने सभी विभागीय अध्यक्षों संभागीय आयुक्त जिला कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है , कि वे तत्काल कार्मिकों की पहचान कर तबादला प्रस्ताव तैयार करें। समय सीमा के भीतर अनुपालना कर इसकी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजें।
चुनावी कार्यक्रम को मध्य नजर रखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारी तेज कर दी गई है। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन मतदान केंद्रों का पुनर्गठन चुनावी कर्मचारी की नियुक्ति प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य तैयारियां को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद राजस्थान में एक बार फिर तबादला सीजन शुरू होने की प्रबल संभावना है।
चुनाव ड्यूटी कार्य से सीधे जुड़े कर्मचारियों को उनके गृह जिले में तैनात नहीं किया जाता है। जिन अधिकारियों को एक ही जिले में 3 साल पिछले 4 वर्षों में पूरे कर लिए हैं, उन्हें तत्काल स्थानांतरित किया जाता है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी कर्मचारी को मुख्यालय छोड़ने या अवकाश पर जाने की अनुमति नहीं होती है, जब तक कि यह अपरिहार्य न हो।
खास तौर पर राजस्व पंचायती राज नगर निकाय शिक्षा पुलिस और अन्य चुनावी कार्य से जुड़े विभागों में इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग की सक्रियता से स्पष्ट है कि राजस्थान में लंबे समय से अटके निकाय और पंचायती राज चुनाव समय सीमा के भीतर करने की दिशा में प्रशासनिक अमला पूरी गति से कार्य में जुट गया है।


