रामगढ़ और गोविंदगढ़ क्षेत्र में आंधी-तूफान का तांडव: 80 से अधिक बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर धराशायी, कई गांव अंधेरे में डूबे
रामगढ़ (राधेश्याम गेरा)। रामगढ़ और गोविंदगढ़ उपखण्ड क्षेत्र में रविवार देर रात आए भीषण आंधी और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में दर्जनों विशाल पेड़ उखड़ गए, वहीं विद्युत तंत्र पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो गया है। दोनों उपखण्ड क्षेत्रों को मिलाकर कुल 80 से अधिक बिजली के पोल टूट गए और कई ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे, जिससे दर्जनों गांवों की बत्ती गुल हो गई और ग्रामीणों को पूरी रात भीषण गर्मी व उमस में जागकर बितानी पड़ी।
चौमा गांव में हुआ सबसे भारी नुकसान: तूफान का सबसे रौद्र रूप रामगढ़ उपखण्ड के चौमा गांव में देखने को मिला, जहां अकेले इसी गांव में लगभग 35 विद्युत पोल जमींदोज हो गए। इसके अलावा तीन थ्री-फेस और तीन सिंगल-फेस ट्रांसफार्मर गिर जाने से पूरे क्षेत्र की आपूर्ति ठप हो गई। तूफान के दौरान चौमा गांव में ईसाख खां पुत्र चाहत खां के मकान पर एक भारी-भरकम पेड़ टूटकर गिर गया, जिससे उनके मकान का छज्जा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत रही कि लोग घरों के अंदर थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पेयजल का संकट गहराया: अचानक बिजली गुल होने और ट्रांसफार्मर गिरने के कारण चौमा सहित आसपास के गांवों में पेयजल की विकट समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों को पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए सुबह से ही इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसके साथ ही अलावडा, माणकी और गुजरपुर आदि गांवों में भी 20 से अधिक पोल टूटने की खबर है।
गोविंदगढ़ क्षेत्र का हाल: दूसरी ओर, गोविंदगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के ग्रामीण कनिष्ठ अभियंता दिलीप मीणा ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में कुल 34 विद्युत पोल टूटे हैं। इनमें से सर्वाधिक नुकसान तिलवाड़ और ईंदपुर गांवों में हुआ है, जहां 20 पोल धराशायी हुए हैं। इसके अलावा मालपुर, चिडवाई और पाकसेडी़ गांवों में भी 14 विद्युत पोल टूटने से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है।
बिजली विभाग की टीमें सुबह से ही प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मलबे और पेड़ों को हटाकर विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करने के कार्य में जुट गई हैं, ताकि जल्द से जल्द बिजली और पानी की सुचारू आपूर्ति बहाल की जा सके।


