महुवा: भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब, कृष्ण जन्म और हिरण्यकशिपु वध के प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
महुवा (दौसा/ अवधेश अवसाठी) )। कस्बे के पंसारियों की बगीची पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ रहा है। कुंदन उमरावल परिवार महुवा द्वारा आयोजित इस भव्य कथा के दौरान सोमवार को वृन्दावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथा वाचक संत श्री आनंद चेतन जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से हिरण्यकशिपु वध और श्री कृष्ण जन्म की दिव्य कथाओं का वाचन कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भगवान की भक्ति ही बैकुंठ का मार्ग: संत आनंद चेतन जी
कथा व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महाराज श्री ने कलयुग में नाम संकीर्तन और भक्ति की महिमा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा: "कलयुग में केवल भगवान की भक्ति ही मनुष्य को सन्मार्ग पर ले जाते हुए बैकुंठ धाम तक पहुंचा सकती है। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और जीवन में सर्वानंद की प्राप्ति होती है।"
संत श्री ने सत्य की परिभाषा समझाते हुए कहा कि इस संसार में केवल भगवान ही एकमात्र परम सत्य हैं, बाकी सब नश्वर है। सृष्टि के आरंभ से पूर्व भी भगवान थे और आज भी वही हैं, इसीलिए उन्हें 'सत्यनारायण' कहा जाता है।
जीवंत झांकियों ने मोहा मन
कथा के दौरान जब भगवान श्री कृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, तो पूरा पंडाल "नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गूंज उठा। वहीं हिरण्यकशिपु वध के प्रसंग के दौरान भगवान नृसिंह के अवतार की जीवंत महिमा को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
उमरावल परिवार ने किया अतिथियों का स्वागत
आयोजक निर्भय सिंह गुर्जर (उमरावल) ने बताया कि महुवा उपखंड मुख्यालय पर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए इस कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य रूप से आयोजक निर्भय सिंह गुर्जर, मनोज गुर्जर सहित कुंदन उमरावल परिवार के सभी सदस्य मुस्तैद रहे।कथा में महुवा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों की संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती कर पुण्य लाभ कमाया।


