'सृजक' की काव्य गोष्ठी में बही काव्य धारा, रचनाओं ने मोहा मन
अलवर, (कमलेश जैन) स्थानीय रेलवे स्टेशन के सामने संजय नगर स्थित एम.एन.सी.आई. शिक्षण संस्थान के सभागार में प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था 'सृजक' की ओर से जून माह की मासिक कवि गोष्ठी का शानदार आयोजन किया गया। गोष्ठी में कवियों ने समसामयिक विषयों, हास्य, व्यंग्य और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ उर्दू शायर व संस्थान के अध्यक्ष सरदार अमरीक सिंह 'अदब' ने की। मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि रघुवर दयाल जैन मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में गीतकार पुरुषोत्तम शर्मा एवं प्रदीप भारद्वाज मंच पर उपस्थित थे।
माँ शारदे की वंदना से शुरुआत
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ खेड़ली से पधारे सुप्रसिद्ध गीतकार किशोर नवगीत ने सुमधुर सरस्वती वंदना से किया। इसके बाद कला महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. धनंजय सिंह ने चौराहों पर भीख मांगने वालों की मर्मस्पर्शी पीड़ा को काव्य रूप में प्रस्तुत कर माहौल को भावुक कर दिया। केशव देव शर्मा ने गहराते 'पानी के संकट' और जगदीश भारद्वाज ने 'धार्मिक कर्मकांडों' पर प्रहार करती रचनाएं पढ़ीं। वहीं, किशोर नवगीत ने सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश देती सशक्त कविता पेश कर गोष्ठी को सार्थकता प्रदान की।
मेवाती श्रृंगार और हास्य का तड़का
गोष्ठी में डॉ. वेद प्रकाश यादव 'सहज' के 'मेवाती श्रृंगार गीत' ने खूब वाहवाही लूटी। प्रेम शर्मा की 'ईष्ट कविता' ने भी रंग जमाया। इसके बाद नरेन्द्र शर्मा 'हँसमुख' ने अपनी चिरपरिचित शैली में हास्य कविता सुनाकर श्रोताओं को हंसने पर मजबूर कर दिया। संगीतकार चिन्मय पाराशर की व्यंग्य रचना ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। डॉ. बीना गुप्ता की रचना 'वो भी एक जमाना था' ने पुरानी यादों को ताजा कर दिया।
माँ पर कविता और बाँसुरी की तान ने बांधा समां
मुकेश गुप्त 'अचल' ने जब 'माँ' पर अपनी भावुक रचना प्रस्तुत की, तो पंडाल में सन्नाटा पसर गया और कई आँखें नम हो गईं। इसके तुरंत बाद बाँसुरी वादक सुभाष नकड़ा ने अपनी बाँसुरी की मधुर तान से उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वरिष्ठ शिक्षक घनश्याम शर्मा ने ख्यात कवि अमर प्रताप वर्मा की प्रसिद्ध रचना 'हाडी रानी का बलिदान' का ओजस्वी पाठ कर श्रोताओं में देशप्रेम का रोमांच भर दिया।
गोष्ठी में जेडी. राणा, धर्मेन्द्र शर्मा 'धीर', महेश वेदामृत, मयंक नरुका, सुरेश कुमार गुप्ता और पुरुषोत्तम शर्मा के समसामयिक व्यंग्य मुक्तकों व दोहों ने गोष्ठी को बुलंदियों पर पहुँचाया। इसके साथ ही किशन लाल खैरालिया, युवा कवि लोकेश सैनी और अभिषेक गर्ग की कविताओं को भी खूब सराहना मिली।
इस अवसर पर सृजक संस्थान के संरक्षक भरत सिंह अहरोदिया, कोषाध्यक्ष हेमराज सैनी, राधेश्याम शर्मा, प्राचार्य प्रदीप सैनी, वरिष्ठ शिक्षक हरिनारायण, कपिल शर्मा, युवा प्रेम सागर और सुरेन्द्र बैरवा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संयोजन व संचालन सचिव रामचरण 'राग' ने किया तथा अंत में उपाध्यक्ष खेमेन्द्र सिंह चन्द्रावत ने सभी का आभार व्यक्त किया।


