अंता: ईदगाह सदर चुनाव में नुरुद्दीन अंसारी 20 मतों से विजयी, मुस्लिम समुदाय ने जुलूस और नारेबाजी न कर पेश की अमन-चैन की अनूठी मिसाल
अंता (शफीक मंसूरी)। कस्बे के जमातखाना में रविवार को ईदगाह सदर के चुनाव अमन, शांति और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न हुए। कड़े मुकाबले में नुरुद्दीन अंसारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी हाजी रसूल मोहम्मद को 20 मतों से पराजित कर जीत हासिल की। जीत के बाद मुस्लिम समुदाय ने किसी भी प्रकार की नारेबाजी या विजय जुलूस नहीं निकालकर समाज में कौमी एकता और शांति की एक अनूठी मिसाल कायम की। सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी।
- कांटे की टक्कर में 88% से अधिक मतदान
चुनाव में नुरुद्दीन अंसारी (चुनाव चिन्ह: चांद-तारा) और हाजी रसूल मोहम्मद (चुनाव चिन्ह: बस) के बीच सीधा मुकाबला था। सुबह 8:00 से शाम 5:00 बजे तक हुए मतदान में समाज के लोगों ने भारी उत्साह दिखाया। कुल 1249 मतदाताओं में से 1099 (88% से अधिक) ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना में नुरुद्दीन अंसारी को 556 मत मिले, जबकि हाजी रसूल मोहम्मद को 536 मत प्राप्त हुए।
चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने में पूर्व अल्पसंख्यक अधिकारी शब्बीर पठान, मोहम्मद इकबाल उर्फ मल्लू भाई, पूर्व चेयरमैन मुस्तुफा खान, मोहम्मद हनीफ उर्फ अन्नू बाबा, सेवानिवृत्त अध्यापक अब्दुल अजीज मंसूरी और पूर्व पार्षद आबिद अंसारी ने मुख्य कमान संभाली।
- पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद, शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मतदान
चुनाव के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन का भारी लवाजमा तैनात रहा। अंता पुलिस उप अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह आढ़ा, सिसवाली थानाधिकारी किरदार अहमद और मांगरोल थानाधिकारी एएसआई तुलसीराम सुबह से ही जाब्ते के साथ जमातखाने में मुस्तैद रहे, जिसके चलते मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
नुरुद्दीन अंसारी, नवनिर्वाचित सदर का संकल्प: "कौम की भलाई और विकास के लिए समाज के सभी लोगों को साथ लेकर और सबको विश्वास में लेकर काम किया जाएगा।"
नवनिर्वाचित सदर ने खोला घोषणाओं का पिटारा; ये कार्य रहेंगे प्राथमिकता:
नूरुद्दीन अंसारी ने समाज के सर्वांगीण विकास के लिए अपने घोषणा पत्र के तहत निम्नलिखित कार्यों को पूरा करने का वादा किया है:
- शिक्षा एवं चिकित्सा: हिंदी, उर्दू और इंग्लिश माध्यम के आधुनिक स्कूल की स्थापना का प्रयास, मदरसा विकास कार्य, जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सा सहायता और समय-समय पर मुफ्त स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन।
- सामाजिक व आर्थिक सहायता: बेवाओं (विधवाओं) और यतीमों (अनाथों) को आर्थिक मदद तथा पूर्व की भांति जमात खाना निशुल्क उपलब्ध करवाना।
- ईदगाह व कब्रिस्तान विकास: ईदगाह-कौमी कब्रिस्तान विवाद का स्थायी समाधान, बाउंड्री वॉल निर्माण, ईदगाह मस्जिद का विस्तार, कब्रिस्तानों की सफाई व मॉनिटरिंग, जनाजा नमाज़ चबूतरे पर शेड लगवाने और नगर पालिका वाले कब्रिस्तान में बिजली के तारों व पोलों की समस्या का स्थायी समाधान।
- कानूनी सहायता प्रकोष्ठ: समाज के हितों की रक्षा के लिए एक विशेष कानूनी प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा, जो झूठे मुकदमों और अन्य कानूनी मामलों में समाज के लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।


