संस्कार और प्रतिभा का सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा पुंज : जवाहर सिंह बेढ़म
डीग (नीरज जैन) गृह, गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि किसी भी समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उसकी जीवंत परंपरा और संस्कारों का प्रतीक होता है। प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा पुंज बनता है तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता है।
बेढम शनिवार को डीग जिले के कस्बा सीकरी में जायसवाल समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों, वरिष्ठ नागरिकों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि गृह राज्य मंत्री बेढ़म ने कहा कि जायसवाल समाज शिक्षा, सामाजिक समरसता और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है, जो अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि समाज की उन्नति में शिक्षित और संस्कारित युवा सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, अमन-चैन और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग पुलिस प्रशासन को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित कर अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाने का कार्य कर रहा है, जिससे भयमुक्त वातावरण में विकास को नई गति मिल सके।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पशुपालकों और डेयरी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए गौपालन, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। नई अवसंरचनाओं के विकास और अनुदान योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है तथा किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गृह राज्य मंत्री बेढम ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों से भी जुड़े रहें। संस्कारों और शिक्षा का समन्वय ही एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।
समारोह के दौरान बड़ी संख्या में जायसवाल समाज के पदाधिकारी, प्रबुद्धजन, अभिभावक और समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों और समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान कर उनके योगदान की सराहना की गई।


