सर्व कल्याण एवं सुखी जीवन की कामना के साथ श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ की पूर्णाहु
भीलवाड़ा: (राजकुमार गोयल) धर्मनगरी भीलवाड़ा में पहली बार छोटी हरणी स्थित हनुमान टेकरी आश्रम में महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में आयोजित सात दिवसीय दिव्य एवं पावन 11 कुण्डीय श्री विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ की पूर्णाहुति रविवार दोपहर सर्व कल्याण, आरोग्यमय सुखमय जीवन, गौमाता की रक्षा की कामना के साथ हुई। अभिजीत मुर्हुत में यज्ञ की पूर्णाहुति एवं महाआरती के अवसर पर विभिन्न स्थानों से पधारे संत-महात्मा, यजमान सहित सैकड़ो भक्तगणों की सहभागिता रही। यज्ञ की पूर्णाहुति होने पर महाआरती के बाद भंडारे के महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया। महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ श्री राधा रासेश्वरी रासलीला मण्डल श्रीवृन्दावनधाम मथुरा द्वारा प्रस्तुत की जा रही भक्तिपूर्ण रासलीला भी रविवार को सम्पन्न हुई। महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को सुबह 8 बजे महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सान्निध्य में यज्ञ मण्डप में श्री शारदा सनातन परमार्थ न्यास के वेद आचार्य पंडित मुकेश शास्त्री के निर्देशन में यज्ञ अनुष्ठान सम्पन्न हुए। यज्ञाचार्य मुकेश शास्त्री ने बताया कि प्रातःकालीन वेला में हर्ष ओर उल्लास के माहौल में पूजन का क्रम शुरू हुआ। यजमानों ने पूजन के उपरान्त गौमाता का पूजन किया। इसके बाद गौपूजन एवं ब्राह्ण पूजन भी किया गया। पूर्णाहुति के अवसर पर महालक्ष्मी से सर्व सुख शांति एवं सर्व कल्याण की कामना करते हुए सभी भक्तों के उपर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की गई। इसके बाद सभी संत-महात्माओं के द्वारा आशीर्वाद एवं प्रसाद वितरण के साथ विशाल मंगल भंडारे का आयोजन कर इस महान यज्ञ की विश्रान्ति की गई।
प्रत्येक यज्ञ वेदी पर यजमानों के साथ लक्ष्मी स्वरूपा कन्या ने भी आहुति देकर सर्वत्र सुख एवं सर्वकल्याण की कामना से यज्ञ में आहुतियां दी। महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के अनुसार विष्णु लक्ष्मी महायज्ञ में लक्ष्मी स्रोत से सिद्ध किए 111 कलश पूर्णाहुति होने के बाद यजमानों को विधि विधान के साथ प्रदान किए गए। इस अवसर पर हरिशेवाधाम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर हंसारामजी महाराज, हाथीभाटा आश्रम के महन्त संतदास महाराज, महन्त रामायणी महाराज, पुजारी मुरारी पांडे, सालगराम महाराज, दामोदर महाराज, श्यामशरण महाराज आदि का भी सानिध्य एवं आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। महायज्ञ में आहूति देने एवं महाआरती में सहभागी बनने वाले यजमानों व भक्तगणों में नंदकिशोर सोनी, ठाकुर तेजसिंह, गणपतसिंह, चितवन व्यास, रामनारायण बिडला, गजानंद बजाज, सांवरलाल जाट, डॉ. श्यामसिंह राणावत, अशोक गुर्जर, कालू प्रजापत, राकेश बाबेल, चांदमल सोनी, शशिकुमार, विजय पितलिया, भारतकुमार सोनी, रामचन्द्र आचार्य, पप्पू वैष्णव आदि शामिल थे। महायज्ञ की पूर्णाहुति पर विभिन्न स्थानों सैकड़ो रमताराम(जोगी) पधारे जिन्हें भोजन प्रसाद एवं महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा द्वारा भेंट (दक्षिणा) देकर विदाई दी गई। इधर, रासलीला के तहत छठे दिन शनिवार रात महन्त बनवारीशरण काठियाबाबा के सानिध्य में वृन्दावन से आए कलाकारों द्वारा भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों की भावपूर्ण सजीव प्रस्तुति ने श्रद्धालु भक्तों का मन जीत लिया। रासलीला की प्रस्तुति शुरू होने से पूर्व विशिष्ट अतिथि वेद आचार्य पंडित मुकेश शास्त्री श्रीशारदा सनातन परमार्थ न्यास, गोपाल मामाजी, शशि कुमार, राकेश बाबेल, मनोज शर्मा पुजारी टेकरी, ईश्वर खोईवाल, शांतिलाल, रतन जाट, गोपाल जाट, यशपाल जाट, सूरज जाट आदि ने ठाकुरजी की आरती की। मण्डल के दामोदरदास काठियाबाबा के निर्देशन में विभिन्न प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई। मण्डल के राजू स्वामी ने बताया कि रासलीला में विभिन्न प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। रासलीला में छोटी हरणी सहित भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे भक्तगण बड़ी संख्या में मौजूद थे।


