होर्मुज के पास जहाज पर हमले में देवरिया के मर्चेंट नेवी कर्मी शिवानंद की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
देवरिया (शशि जायसवाल) जिले के सुरौली गांव में उस समय मातम पसर गया, जब मर्चेंट नेवी में कार्यरत स्थानीय युवक शिवानंद चौरसिया (32) की विदेश में एक समुद्री हमले में मौत होने की खबर आई। परिजनों के मुताबिक, सिंगापुर के एक मालवाहक जहाज पर इंजन फिटर के पद पर तैनात शिवानंद की मौत होर्मुज क्षेत्र के पास जहाज पर हुए हमले के दौरान हुई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
- 'बच्चों को सुलाकर फोन करता हूँ'... और फिर कट गया संपर्क
शिवानंद के पीछे उनकी पत्नी, एक 5 साल का बेटा और एक बेटी हैं। परिजनों ने रुंधे गले से बताया कि गत 9 जून को शिवानंद की अपनी पत्नी से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि "बच्चों को सुलाने के बाद दोबारा फोन करता हूँ।" लेकिन उस बातचीत के बाद फिर कभी उनकी आवाज सुनाई नहीं दी। मासूम बेटा आज भी दरवाजे पर टकटकी लगाए अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहा है, इस बात से बेखबर कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
- कर्ज लेकर कराया था कोर्स, बंधी थी आर्थिक सुधार की उम्मीद
ग्रामीणों ने बताया कि शिवानंद ने बेहद संघर्षों के बाद मर्चेंट नेवी में यह मुकाम हासिल किया था। गरीब परिवार ने भारी कर्ज लेकर उनके जरूरी प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) और दस्तावेज तैयार करवाए थे। हाल ही में नौकरी मिलने के बाद परिवार को कर्ज से मुक्ति और आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस हादसे ने परिवार के कमाऊ सदस्य के साथ-साथ उनकी उम्मीदों को भी छीन लिया।
- शव का इंतजार, सरकार से आर्थिक मदद और नौकरी की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। वर्तमान में पूरा परिवार शिवानंद के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। टूट चुके परिवार ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए ताकि मासूम बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबने से बच सके।


