भक्ति का सैलाब: टपकती बरसात में 1100 महिलाओं ने निकाली 11 किमी लंबी कलश यात्रा
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव) उपखंड क्षेत्र के किशोरपुरा सीमा पर स्थित मोरिंडा धाम पलटू दास अखाड़े के पंचमुखी बालाजी मंदिर पर 24 जून को भरने वाले ऐतिहासिक गंगा दशहरे मेले का मंगलवार को भव्य आगाज हुआ। इस अवसर पर भक्ति और शक्ति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब रिमझिम बरसात के बीच हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
- 11 किलोमीटर लंबी भव्य कलश यात्रा
मेले के शुभारंभ पर सुबह 11:15 बजे चंवरा के रघुनाथजी मंदिर से भव्य कलश यात्रा रवाना हुई। यह यात्रा नेवरी मोड़, चौफूल्या, पौंख सड़क से किशोरपुरा गांव और मोरिंडा सड़क होते हुए दोपहर लगभग 2:30 बजे पलटू दास अखाड़ा पहुँची। डीजे की धार्मिक धुनों और भजनों के बीच करीब 1100 महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर 11 किलोमीटर की लंबी परिक्रमा में शामिल हुईं।
- बरसात भी नहीं रोक पाई कदम, जगह-जगह हुआ स्वागत
वर्ष 2013 से अनवरत आयोजित हो रही इस कलश यात्रा में इस बार मौसम बेहद सुहाना रहा। टपकती बरसात के बावजूद महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। रास्ते में गांव और ढाणियों में सेवाभावी दानवीरों द्वारा कलश यात्रियों के लिए जलपान और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई, वहीं ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का जोरदार स्वागत किया।
- आठ दिवसीय भक्तमाल कथा का शुभारंभ
कलश यात्रा के मंदिर प्रांगण पहुँचने के बाद पुष्कर के सुप्रसिद्ध कथावाचक रामस्वरूप दास महाराज द्वारा दीप प्रज्वलन कर आठ दिवसीय 'भक्तमाल कथा' का विधिवत शुभारंभ किया गया। महाआरती के बाद उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। यह कथा प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक चलेगी।
इस महापर्व का आयोजन बामलास के महंत लक्ष्मण दास महाराज, मोरिंडा धाम के महंत रघुनाथ दास महाराज तथा नेवरी धाम के महंत रघुवर दास महाराज के पावन सानिध्य में किया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान शीशराम रावत, सांवरमल सैनी, गजराज सिंह शेखावत, महेश शर्मा, लाला महाराज, गिरदावर जगदीश प्रसाद शर्मा, रामनिवास सैनी, नत्थूराम सैनी, सांवरमल खटाणा, संदीप मीणा किशोरपुरा, राम अवतार ठेकेदार, गंगाधर सैनी, राधेश्याम कुमावत, रोहित सैनी, धवल कुमार बिछवाल, इंद्र सिंह शेखावत, सुमित कुमावत, पंकज मीणा, श्रीराम मीणा, भरत सिंह, बंटी सेन, आशीष सैनी, राजेश सैनी, हिमांशु मीणा, सोनू मीणा और अजय सैनी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध जन और महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित थे।


