नन्हीं कलाकार का साहसिक करतब: 7 वर्षीय बच्ची रस्सी पर चलकर कर रही परिवार का पालन-पोषण
खैरथल (हीरालाल भूरानी) राजस्थान के खैरथल शहर के व्यस्त बाजार में इन दिनों एक ऐसा दृश्य देखने को मिल रहा है जो लोगों को आश्चर्यचकित करने के साथ-साथ भावुक भी कर रहा है। छत्तीसगढ़ से आया एक घुमंतू परिवार अपनी आजीविका चलाने के लिए शहर के विभिन्न चौराहों और बाजारों में सड़क किनारे रस्सी पर करतब दिखा रहा है। इस परिवार की लगभग 7 वर्षीय नन्हीं बच्ची ऊँचाई पर बंधी रस्सी पर संतुलन बनाकर अद्भुत करतब प्रस्तुत कर रही है, जिसे देखकर राहगीर दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो जाते हैं।
बच्ची हाथ में संतुलन के लिए बाँस लेकर रस्सी पर चलती है, बीच-बीच में रुककर विभिन्न कलाबाजियां दिखाती है और कभी-कभी एक पहिये की सहायता से भी संतुलन बनाकर लोगों का मनोरंजन करती है। बच्ची की निर्भीकता और आत्मविश्वास देखने लायक होता है।
करतब के दौरान परिवार के अन्य सदस्य नीचे खड़े होकर सुरक्षा और सहयोग का कार्य करते हैं तथा प्रदर्शन समाप्त होने पर लोगों से स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग की अपील करते हैं। राहगीर भी बच्ची की प्रतिभा और परिवार की मेहनत को देखते हुए अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करते दिखाई देते हैं।
हालांकि यह दृश्य लोगों के लिए मनोरंजन का विषय बनता है, लेकिन इसके पीछे एक गंभीर सामाजिक सच्चाई भी छिपी हुई है। इतनी कम उम्र में बच्ची का जोखिम भरे करतब करना यह दर्शाता है कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और जीविका चलाने के लिए बच्चों को भी ऐसे जोखिमपूर्ण कार्य करने पड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार एवं समाजसेवी संस्थाओं को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों का बचपन सुरक्षित रह सके और उन्हें जोखिम भरे कार्य न करने पड़ें।
खैरथल के बाजार में यह नन्हीं कलाकार इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उसके साहस, संतुलन और कला की लोग सराहना तो कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उसके सुरक्षित भविष्य और शिक्षा की भी कामना कर रहे हैं।

