देर से मेहरबान हुई बारिश, खरीफ फसलों की बुवाई में जुटे किसान; बारिश से खेतों में लौटी रौनक, खेती-किसानी में जगी नई उम्मीद
बावड़ी/जोधपुर (मिश्रीलाल लखारा) बावड़ी उपखंड क्षेत्र में देर से हुई बारिश ने लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर खुशी लौटा दी है। पर्याप्त नमी मिलने के बाद किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ खेतों की जुताई एवं खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेज कर दिया है।
मानसून की देरी के कारण इस बार खरीफ सीजन की बुवाई प्रभावित हो रही थी। कई किसानों ने पहले ही खेत तैयार कर लिए थे, लेकिन पर्याप्त नमी के अभाव में बीज नहीं डाल पाए थे। अब बारिश होने के बाद किसान बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में जुट गए हैं।
बावड़ी कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र सिंह नरूका ने बताया कि देर से हुई बारिश के कारण फसलों की अवधि कम होने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी दिनों में मानसून सक्रिय रहा और नियमित वर्षा होती रही तो चारागाहों में हरियाली लौटेगी, तालाबों एवं अन्य जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ेगी। इससे पशुपालकों को राहत मिलेगी और भू-जल स्तर में सुधार होने से भविष्य में पेयजल संकट भी कुछ हद तक कम हो सकेगा।
क्षेत्र के किसान खेताराम प्रजापत ने बताया कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की स्थिति बेहतर हो सकती है। हालांकि यदि वर्षा फिर से थम गई तो देर से हुई यह बरसात अपेक्षित लाभ नहीं दे पाएगी। फिलहाल बारिश से खेती-किसानी में नई उम्मीद जगी है और किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में कार्य करते नजर आ रहे हैं।

