नगर पालिका कार्मिकों ने मनाई महाराणा प्रताप की जयंती, प्रशासन अधिकारी ने कहा मातृ भूमि की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने हमेशा संघर्ष किया
स्वाभिमान और देशभक्ति के प्रतीक थे महाराणा प्रताप, युवाओं को उनके मार्ग पर चलने का आह्वान
तखतगढ़ (बरकत खान) स्थानीय नगर पालिका कार्मिकों द्वारा बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुराना बस स्टैंड के समीप स्थित प्रताप चौक पहुंचकर महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में कनिष्ठ प्रतिलिपि गोपाल चौहान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अकबर के प्रस्ताव को ठुकरा कर चुना मातृभूमि का संघर्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कनिष्ठ प्रतिलिपि गोपाल चौहान ने महाराणा प्रताप के गौरवशाली जीवन और उनके ऐतिहासिक संघर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने देश और अपनी मातृभूमि की आन-बान-शान के लिए सर्वस्व बलिदान कर दिया। उन्होंने मुगल शासक अकबर की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की और जीवनभर संघर्ष का रास्ता चुना।
चौहान ने इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि मुगल बादशाह अकबर ने महाराणा प्रताप को अपने अधीन करने के लिए आधा हिंदुस्तान का राज्य सौंपने का प्रलोभन भी दिया था। मगर अपनी अदम्य देशभक्ति और स्वाभिमान के कारण प्रताप ने अकबर के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और जंगलों में रहकर मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते रहे।
युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं प्रताप इसी क्रम में पालिका कर्मी रतन साखला ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप सच्चे देशभक्त और राष्ट्र नायक थे। आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
इस गरिमामय कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका के जेएन (जैन) आकाश गोमतीवाल, सर्किल इंस्पेक्टर सूरज चौधरी, जीतू घाची, सुरेश कुमार, जमादार धीरज कुमार वाल्मीकि और भरत कुमार सहित नगर पालिका के कई अन्य कार्मिक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।


