गांवों में टैक्स वसूली की नई तैयारी: हर परिवार से सालाना ₹1200 तक वसूली का लक्ष्य, नहीं पूरा हुआ तो बजट में होगी 20% कटौती

Jun 17, 2026 - 16:46
 0
गांवों में टैक्स वसूली की नई तैयारी: हर परिवार से सालाना ₹1200 तक वसूली का लक्ष्य, नहीं पूरा हुआ तो बजट में होगी 20% कटौती

आत्मनिर्भर बनेंगी ग्राम पंचायतें; 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, राजस्थान की 14,403 पंचायतों पर पड़ेगा असर।

अलवर (अनिल गुप्ता) राजस्थान सहित देशभर की ग्राम पंचायतों में अब विकास कार्यों के लिए केवल सरकारी अनुदान (Grants) पर निर्भर रहने की व्यवस्था बदलने जा रही है। केंद्र सरकार के 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ग्राम पंचायतों को अपने स्तर पर टैक्स और यूजर चार्ज वसूलने के लिए अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। नई व्यवस्था के अनुसार, अब पंचायतों को स्थानीय स्तर पर राजस्व (Revenue) बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा उन्हें मिलने वाली परफॉर्मेंस ग्रांट में भारी कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान की 14,403 ग्राम पंचायतों और लगभग 5 करोड़ ग्रामीण आबादी को इस नई व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। पंचायतों को अपने क्षेत्र में रहने वाले परिवारों से सालाना कम से कम 1200 रुपए तक की राशि विभिन्न स्थानीय करों और शुल्कों के माध्यम से जुटाने का लक्ष्य दिया जा सकता है। यदि पंचायतें निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं कर पाती हैं, तो उन्हें केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान में 20 प्रतिशत तक की कटौती की जा सकती है।

इन सुविधाओं पर देना होगा टैक्स और शुल्क

नई गाइडलाइन के तहत पंचायतों को स्थानीय संसाधनों से आय बढ़ाने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। इसके तहत गांवों में अब निम्नलिखित शुल्क लागू हो सकते हैं:

  • आवासीय और व्यावसायिक भवनों पर: प्रकाश कर (Street Light Tax) और सफाई कर।
  • बुनियादी सुविधाएं: जल उपभोक्ता शुल्क (Water Charges)।
  • व्यापारिक गतिविधियां: गांवों में लगने वाले मेलों, हाट-बाजारों और अस्थाई दुकानों पर लगने वाला शुल्क।

सरकार का मानना है कि पंचायतें यदि स्वयं राजस्व जुटाने में सक्षम बनती हैं, तो विकास कार्यों के लिए उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर शहरों जैसी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ग्रामीणों में चिंता, विशेषज्ञों को उम्मीद

इस प्रस्ताव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों पर चर्चा शुरू हो गई है। कई ग्रामीणों का मानना है कि पहले से ही महंगाई और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे किसान और मजदूर परिवारों पर यह एक अतिरिक्त वित्तीय बोझ होगा। दूसरी ओर, विकास विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पंचायतों द्वारा वसूले गए धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से सीधे गांव के विकास, जैसे- पक्की सड़क, शुद्ध पेयजल, नियमित सफाई और रोशनी पर किया जाता है, तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल सकती है।

अधिकारियों का पक्ष: राज्य सरकार ने जिला परिषदों और पंचायत समितियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि टैक्स वसूली की यह व्यवस्था किस प्रकार लागू होगी और इसके नियम क्या होंगे। फिलहाल, यह विषय गांव-गांव में चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

एक्सप्रेस न्यूज़ डेस्क ll बुलंद आवाज के साथ निष्पक्ष व निर्भीक खबरे... आपको न्याय दिलाने के लिए आपकी आवाज बनेगी कलम की धार... आप भी अपने आस-पास घटित कोई भी सामाजिक घटना, राजनीतिक खबर हमे हमारी ई मेल आईडी GEXPRESSNEWS54@GMAIL.COM या वाट्सएप पर भेज सकते है हम हर सम्भव प्रयास करेंगे आपकी खबर हमारे न्यूज पोर्टल पर साझा करें। हमारे चैनल GEXPRESSNEWS से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद................ मौजूदा समय में डिजिटल मीडिया की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। आलम तो यह है कि हर कोई डिजिटल मीडिया से जुड़ा रहना चाहता है। लोग देश में हो या फिर विदेश में डिजिटल मीडिया के सहारे लोगों को बेहद कम वक्त में ताजा सूचनायें भी प्राप्त हो जाती है ★ G Express News के लिखने का जज्बा कोई तोड़ नहीं सकता ★ क्योंकि यहां ना जेक चलता ना ही चेक और खबर रुकवाने के लिए ना रिश्तेदार फोन कर सकते औऱ ना ही ओर.... ईमानदार ना रुका ना झुका..... क्योंकि सच आज भी जिंदा है और ईमानदार अधिकारी आज भी हमारे भारत देश में कार्य कर रहे हैं जिनकी वजह से हमारे भारतीय नागरिक सुरक्षित है