गोविन्दगढ़ कस्बे में मातमी धुन पर निकले ताजिए
गोविंदगढ़, (अलवर) गोविन्दगढ़ कस्बे मे आज रविवार को मातमी धुन पर मोहर्रम ताजिया जुलूस निकाला गया। जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों का हुजूम उमड पड़ा।आज ईदगाह मैदान में ताजिए रखे गए। जहां से 3 बजे ताजिए निकाले गए। ताजिए ईदगाह से मुख्य बाजारों से होते हुए चौपड़ बाजार सैमला मोड़ से निकलते हुए रामबास स्थित कर्बला 5 बजे पहुचे जहां ताजिए दफन किए गए।
साबुद्दीन अनुसार मुहर्रम का दसवां दिन यानी 'यौमे-ए-अशूरा' बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जो इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है। ऐसे में इस बार अशूरा 6 जुलाई 2025 रविवार को मनाया गया। यह दिन सब्र, बलिदान और इंसाफ की भावना का प्रतीक है। जो हर साल दुनिया भर के मुसलमानों को इंसानियत की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जुलूस के दौरान, लोग "या हुसैन" और "या अली" के नारे लगा रहे थे और हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद कर रहे थे। जुलूस में पारंपरिक हथियारों से करतब दिखाते हुए युवा और बुजुर्ग भी शामिल थे।
इस दौरान तहसीलदार राजेंद्र यादव, थानाधिकारी बने सिंह एवं पटवारी सुखविंदर सिंह सहित अन्य प्रशासनिक कर्मचारी मौजूद रहे।
थानाधिकारी बनेसिंह ने बताया कि मुहर्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किए गए है। कस्बे के सभी स्थानों पुलिसकर्मियों की नियुक्त की गई ।


