खैरथल में अंडरपास के पास ग्रामीणों का प्रदर्शन: निर्माण में देरी से नाराज ग्रामीणों ने 2 घंटे का जाम लगाया, ग्रामीणों ने की वैकल्पिक मार्ग की मांग
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल में रेलवे विभाग की लापरवाही से परेशान सिवाना गांव के नागरिकों का सब्र रविवार को टूट गया। गांव के एकमात्र रास्ते की बंदी के खिलाफ ग्रामीणों ने घााटला-पडीसल मार्ग पर दो घंटे तक अवरोधक लगाकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और 'प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाते हुए रास्ता मुहैया कराने की मांग की।
रेलवे फाटक संख्या 98 पर निर्माणाधीन अंडरपास को लेकर हो रही देरी से ग्रामीण खासे नाराज हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व अंडरब्रिज निर्माण के लिए रेलवे ने फाटक बंद कर गहरी खुदाई कर दी, लेकिन अब तक काम अधूरा है। बारिश के चलते खुदाई में 20 से 30 फीट तक पानी भर चुका है, जिससे गांव पूरी तरह से टापू बन गया है।
बच्चों की पढ़ाई और मजदूरों की रोजी पर संकट
ग्रामीणों ने बताया-रेलवे लाइन के एक ओर गांव है, जबकि दूसरी ओर खैरथल और अलवर जाने वाली सड़क, स्कूल और रोजगार के साधन हैं। गांव के लगभग 350 बच्चे खैरथल व अन्य विद्यालयों में पढ़ने जाते हैं, लेकिन अब रास्ता बंद होने से न स्कूल पहुंच पा रहे हैं, न मजदूर काम पर। कुछ बच्चों के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
जाम में फंसे वाहन, पुलिस और ठेकेदार पहुंचे मौके पर जाम के चलते घाटला-पडीसल मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर खैरथल थाना पुलिस के एएसआई धर्मवीर, रेलवे पुलिस के बीपी सैनी सहित टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ठेकेदार को बुलाने की जिद पर अड़े रहे।
करीब आधे घंटे बाद ठेकेदार मनोज के मौके पर पहुंचते ही माहौल गरमा गया। बाद में पुलिस ने ठेकेदार व ग्रामीण प्रतिनिधियों की एक दुकान में बैठक करवाई, जिसमें ठेकेदार ने दो घंटे के भीतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोला गया।
तीन बार प्रशासन से गुहार, फिर भी नहीं मिली राहत
ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी तीन बार कलेक्टर और रेलवे प्रशासन से रास्ता दिलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। अब हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को घरों में कैद होकर रहना पड़ रहा है और रोजगार से भी हाथ धोना पड़ रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश कर खुलवाया जाम
सूचना पर खैरथल थाना पुलिस और रेलवे पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। खैरथल थाने के एएसआई धर्मवीर ने ग्रामीणों से बातचीत कर समझाइश दी और रेलवे अधिकारियों से वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद दो घंटे बाद जाम हटाया गया। रेलवे पुलिस फोर्स से बीपी सैनी, कल्ली मीणा, सियाराम, सत्येंद्र कुमार, विष्णु कुमार शर्मा सहित पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहे।
प्रदर्शन में शामिल रहे ये ग्रामीण
प्रदर्शन और जाम लगाने वालों में राधेश्याम, प्रभु, रामकिशन, वसिम खान, आकिम अली, सुरेश, रामचंदर, छोटेलाल, विजय कुमार एमपीएस, राजकुमार, डॉ. सुभाष, धर्मपाल, सरजीत, मोहिन खान, मुकेश टेलर, लक्ष्मण दास समेत कई लोग शामिल रहे।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, रेलवे विभाग और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द रास्ता उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें रोजमर्रा की मुश्किलों से राहत मिल सके। सभी ने प्रशासन से जल्द ठोस समाधान की मांग की है। समस्या हल नहीं होने पर ग्रामीणों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।


