गोविंदगढ़ अस्पताल की जर्जर हालतः मरीजों का इलाज करने वाला अस्पताल खुद बीमार, टूटी दीवारें और छत बन रही खतरा
हॉस्पिटल शौचालय में घुसना मना, कभी भी गिर सकती हैं दीवारें
गोविंदगढ़ (अलवर) रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह के गृह कस्बे गोविंदगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की हालत बद से बदतर होती जा रही है। जर्जर भवन और टूटती छतों के बीच मरीजों का इलाज हो रहा है, जिससे आमजन में भय और नाराजगी दोनों गहराते जा रहे हैं।
यह CHC भवन गहलोत सरकार में तत्कालीन चिकित्सा मंत्री दुर्रू मियां के कार्यकाल में बना था, वहीं लेवर (महिला) वर्ड का निर्माण 2023 मे ही पूर्ण हुआ जिसका शिलान्यास तत्कालीन विधायक साफिया जुबर खान के द्वारा किया गया लेकिन महज दो वर्षों में ही यह इस कदर खराब हो गया है कि अब इसकी दीवारों में दरारें और बीमों से बाहर निकले सरिए किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का संकेत दे रहे हैं।

महिला विशेषज्ञ द्वारा इलाज के दौरान मरीजों को जिस कमरे में बैठाया जाता है, उसकी छत और दीवारें एक साथ टूटी हुई हैं। वहीं, लेबर रूम की स्थिति तो और भयावह है — प्लास्टर गायब है, बीम से सरिए बाहर हैं और दीवारों में गंभीर दरारें हैं।
जनरल वार्ड की दीवारों से प्लास्टर उखड़ चुका है, जिससे पत्थर बाहर झांकने लगे हैं। मरीजों की पर्ची कंप्यूटर में एंट्री करवाने की जगह भी डराने लगी है क्योंकि वहां की दीवारें झुकाव में हैं।

अस्पताल परिसर के शौचालयों में भी भयावह हालात हैं। एक शौचालय पर लिखा गया है-अंदर जाना मना है। पूछने पर पता चला कि छत की चार पट्टियां टूटी हुई हैं, जो किसी भी समय गिर सकती हैं।
मशीनें और जांच कक्ष भी जर्जर कमरों में
जहां मरीजों के ब्लड या अन्य सैंपल लिए जाते हैं, वहां बरसात में छत से पानी टपकता है। मशीनें भी इन्हीं कमरों में रखी हुई हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर भी खतरा मंडरा रहा है।

CHC प्रभारी डॉ. शिवकांत शर्मा ने बताया कि लेबर रूम, जनरल वार्ड, जांच कक्ष और डॉक्टरों के केबिन सहित कई हिस्सों की स्थिति गंभीर है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को सूचना दी जा चुकी है। फिलहाल नगर पालिका गोविंदगढ़ ने कुछ हिस्सों में मरम्मत करवाई है, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरे जैसा है।