हाईटेंशन लाइन से पेड़ में दौड़ा करंट, युवक की मौत, :ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
बिजौलिया (भीलवाडा/ मो. आजाद नेब) बिजौलिया में करंट लगने से युवक की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए और मुआवजे की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। घटना क्षेत्र के राणा जी का गुड़ा गांव में गुरुवार दोपहर की है।
हैड कॉन्स्टेबल हरिसिंह ने बताया कि राणा जी का गुड़ा निवासी युवराज भाट (38) पुत्र नारायण भाट गुरुवार दोपहर में चौराहे पर बबूल के पेड़ के नीचे खड़ा था। तभी उसने हाथ पेड़ पर रख दिया, लेकिन पेड़ के तने में करंट प्रवाहित हो रहा था। एक से डेढ़ मिनट तक वो पेड़ से चिपका रहा और बुरी तरह तड़पता रहा।

आसपास के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद लकड़ी के डंडों से उसे अलग किया और परिजन तत्काल उसे बिजौलिया अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दियाl
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन कर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि ये हादसा बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ है।
मृतक के भाई रामरतन ने बताया कि ये तार बिजली विभाग ने असुरक्षित तरीके से पेड़ की टहनी से बांध रखा था। अचानक टहनी से टूटकर करंट प्रवाहित तार युवराज के ऊपर गिर गया, जिससे वो झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

मृतक के भाई ने पुलिस को एक रिपोर्ट देकर बिजली विभाग के सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर, सर्कल लाइनमैन और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग भी की है।
ग्रामीणों ने बताया कि 7 जुलाई को एक शिविर में लिखित शिकायत देकर इस खतरनाक तार की मरम्मत की मांग की थी, लेकिन विभाग ने इसे नजरअंदाज कर दिया, जिससे यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

तेजी से बढ़ती भीड़ को देखकर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और हालात पर नियंत्रण पाया। इसी दौरान मृतक के भाई रामरतन की तबीयत बिगड़ गई, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन परिजन मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए और हॉस्पिटल के बाहर नारेबाजी करते रहे।