सावन का आखिरी सोमवार आज शिव मंदिरों में उमड़ा भक्तों का जन सैलाब
लक्ष्मणगढ़ (अलवर ) कमलेश जैन
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है ।और इस माह का आखिरी सोमवार भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। आज कस्बे सहित उपखंड क्षेत्र में प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। सुबह से ही भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। शिवभक्तों ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
शिवालयों में भक्तों की लंबी कतारें सुबह 5 बजे से ही लग गई थीं। पंडितों द्वारा रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिवपुराण का पाठ कराया गया। महिलाओं ने निर्जल व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
क्यों खास है आखिरी सोमवार
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के आखिरी सोमवार का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अंतिम अवसर माना जाता है। पंडित लोकेश शर्मा के अनुसार,जो भक्त सावन के चारों सोमवार व्रतपूर्वक भगवान शिव की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से विवाह, संतान सुख और नौकरी की प्राप्ति के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी होता है।
भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का संगम
यह दिन श्रद्धा, संयम और शिवमयी वातावरण से ओतप्रोत रहा। कस्बे में महिलाओं द्वारा पाराशर मोहल्ला स्थित शिवालय में दोपहर भजन कीर्तन का आयोजन किया ।श्रद्धालुओं की आस्था ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भगवान शिव की भक्ति में अद्भुत शक्ति है, जो समस्त कष्टों का नाश कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करती है।


