सकट का पशु चिकित्सालय भवन जर्जर अवस्था में, बारिश के दिनों में भवन परिसर मे भर जाता है पानी
सकट. कस्बे के होली वाला बास स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। पशु चिकित्सालय भवन के बरामदें की छत की एक पट्टी टूटी हुई है और दिवारो मे सीलन व दरार आइ हुई है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के साथ ही भवन परिसर मे जलभराव हो जाता है। ऐसे में चिकित्सा कमीयों को बारिश से भरे पानी के बीच में खड़े होकर पशुओं का ईलाज करना पड़ता है। तीन दशक से भी अधिक पुराना है पशु चिकित्सालय भवन: पूर्व वार्ड पंच रामकरण सैनी ने बताया कि पशु चिकित्सालय के भवन को बने हुए तीन दशक से भी ज्यादा का समय हो गया है।इस पशु चिकित्सालय भवन का निर्माण 1993 में हुआ था उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सालय का भवन जमीन लेवल से 4 फीट नीचे हो गया है जिससे थोड़ी सी बारिश में ही पशु चिकित्सालय भवन में बारिश का पानी भर जाता है। रास्ते में पानी व किचड़: पशु चिकित्सालय के रास्ते में भी बारिश के दिनों में कीचड़ व पानी जमा रहता है। जिससे चिकित्सा कर्मियों सहित पशुओं का इलाज करवाने आने वाले पशुपालकों को इस कीचड़ भरे रास्ते में होकर आवागमन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पशु चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि पशु चिकित्सालय के भवन की स्तिथि और आवागमन के रास्ते के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों व पशुपालन जिलाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है।
- राजेंद्र मीणा की रिपोर्ट


