रक्षाबंधन को लेकर बाजार हुए गुलजार
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन 9 अगस्त को लेकर शहर के बाजार गुलजार हो गए हैं। रंग-बिरंगी राखियों की दुकानें सजी हैं। बाजार में इस बार सिर्फ स्वदेशी राखी यानी अलवर की अनिल राखियां निर्मित अधिकांश बिक रही हैं।
राखी विक्रेता घनश्याम खंडेलवाल केसी खंडेलवाल कमलेश बढ़ाया आदि ने बताया कि युवतियां और महिलाएं गोटे-चांदी, मोती, चंदन, स्टोन और रुद्राक्ष वाली राखी पसंद कर रही हैं। इसकी कीमत 50 रुपये से 150 रुपये के बीच है। चंदन की डबल डोरे वाली राखियां भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इसके अलावा गणेश, शिव, स्वास्तिक, ओम आदि की राखियां भी खूब बिक रही हैं। लाइटिंग की राखियां बच्चों की पहली पसंद बनी हुई है। राखी के साथ-साथ रक्षाबंधन को लेकर गिफ्ट एवं मिठाई की दुकान भी गुलजार है। रक्षाबंधन पर अपनी बहन को देने के लिए भाई कॉफी मग से लेकर सोने-चांदी के बने ब्रेसलेट तक की खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा परफ्यूम, टेडी बियर, चॉकलेट पैक जैसे गिफ्ट की भी भरमार है। कुछ भाई अपने बहनों के लिए आभूषणों की भी खरीदारी कर रहे हैं। राखी को लेकर बाजारों में चहलपहल शुरू हो गई है।
शाम ढलते ही दुकानों में भीड़ रही है।
बहुत सी बहनें भाइयों के लिए चांदी से बनीं राखियां खरीद रही हैं। ज्वेलर्स बनवारी लाल मझी घनश्याम सोनी अनिल सोनी ने बताया कि शुद्ध चांदी की राखियां 100 रुपये लेकर 2 हजार रुपये तक उपलब्ध हैं। बहनें खरीद भी रही हैं। चांदी की राखियों में प्यारे भैया, मेरे ब्रदर, मिक्की माउस की राखियां तथा ब्रेसलेट काफी पसंद किए जा रहे हैं। वहीं बहनों के लिए राजस्थान परिवहन निगम रोडवेज बस सेवा भी रक्षाबंधन के त्योहार पर फ्री रहेगी।
डाकघर ने वाटरप्रूफ लिफाफा जारी किया है।
ये स्पेशल राखियों के लिफाफे हैं। जिन पर राखियों की तस्वीर भी छपी है। यह लिफाफा लेमिनेटिड है जिनके अंदर राखियां खराब नहीं होंगी। विभाग की ओर से इसकी कीमत 10 रुपये निर्धारित की गई हैं। डाक विभाग ने दावा किया है कि बहनों की राखियां मात्र 72 घंटे में उनके भाइयों के पास पहुंचा दी जाएंगी।