नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों का उबाल: वेतन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हड़ताल, सफाई व्यवस्था ठप्प
कामां (हरिओम मीना) -: राजस्थान के कामां नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। तीन महीने से बकाया वेतन और ठेकेदारों की कथित उगाही के खिलाफ कर्मचारियों ने काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार को आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया, सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और 'मुर्दाबाद' के नारे लगाए। कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनका बकाया वेतन उनके बैंक खातों में जमा नहीं होता, वे कोई सफाई कार्य नहीं करेंगे।
ठेकेदारों पर गंभीर आरोप, भ्रष्टाचार का खुलासा - प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने ठेकेदारों पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ठेकेदार वेतन खातों में जमा करने के बाद भी प्रत्येक कर्मचारी से 1,000 रुपये की उगाही कर रहे हैं और न देने पर नौकरी से हटाने की धमकी दे रहे हैं। कर्मचारियों ने इस उत्पीड़न और अनियमितता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा, रिकॉर्ड में तकरीबन 80 सफाई कर्मचारियों की दैनिक उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद, जमीनी स्तर पर केवल 40 कर्मचारी ही कामां नगर पालिका क्षेत्र में सफाई कार्य करते हैं। यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट संकेत देता है, जहां 'घोस्ट वर्कर्स' के नाम पर फर्जी उपस्थिति दर्ज कर वेतन की हेराफेरी की जा रही है।
नगर पालिका की बदहाल व्यवस्था, पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप - कामां नगर पालिका पहले भी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही है। ठेकेदारों और नगर पालिका अध्यक्ष गीता खंडेलवाल पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं और घर पर एसीबी का छापा पड़ चुका है, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नगर पालिका प्रशासन और ठेकेदारों की मिलीभगत से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। कर्मचारियों ने कई बार अधिशासी अधिकारी नटवरलाल और अध्यक्ष गीता खंडेलवाल से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों की मांगें और आंदोलन तेज करने की चेतावनी - सफाई कर्मचारियों ने मांग की है कि बकाया वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए, ठेकेदारों की उगाही पर रोक लगे और भ्रष्टाचार की जांच हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे। कर्मचारियों ने कहा, "हम भुखमरी की कगार पर हैं। ठेकेदार और प्रशासन की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी।"सफाई व्यवस्था पर संकट,
जनता परेशान - इस हड़ताल के कारण कामां शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। सड़कों पर कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर यह स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो शहर में गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।प्रशासन की चुप्पी, समाधान की उम्मीद कमनगर पालिका प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को अनदेखा कर रहा है। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि सफाई व्यवस्था बहाल हो और कर्मचारियों को उनका हक मिले।