बच्चों ने सुभाषचंद्र बोस को दी श्रद्धांजलि
लक्ष्मणगढ़ ,(अलवर/कमलेश जैन) स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर छात्रों ने पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी मृत्यु 18 अगस्त 1945 को एक विमान दुर्घटना में हो गई थी। लेकिन इसमें भी बहुत विवाद बताए जाते हैं। तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा यह नारा आज बच्चे बच्चे के जुबान पर रहता है। आजाद हिंद फौज के संस्थापक महान सेना नायक सुभाष चंद्र बोस को आज दुनिया श्रद्धा से नमन कर रही है। कार्यक्रम निज आवास पर कांग्रेस के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष भगवान विजय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 18 अगस्त 1945 के बाद का सुभाषचन्द्र बोस का जीवन और मृत्यु आज तक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है। 18 अगस्त 1945 को उनके अतिभारित जापानी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यह दुर्घटना जापान अधिकृत फोर्मोसा (वर्तमान ताइवान) में हुई थी। उसमें नेताजी मृत्यु से सुरक्षित बच गये थे या नहीं, इसके बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
जहां एक ओर नेताजी गांधीजी को सम्मान देते थे, वहीं दूसरी ओर उनके स्वतंत्रता प्राप्त करने के तरीकों से असहमत थे। गांधीजी अहिंसा के मार्ग पर चलते थे, जबकि नेताजी का मानना था कि भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए सैन्य शक्ति और क्रांति आवश्यक है। इसी मतभेद के कारण उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा भी दे दिया था। नेताजी का जीवन और उनकी मृत्यु आज भी कई अनसुलझे सवालों से घिरे हैं, लेकिन देश की स्वतंत्रता में उनका योगदान अतुलनीय है। मौजूद सभी स्कूली बच्चों ने नेताजी को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किए।