खैरथल : लोगों को नहीं पता उनके क्षेत्र का बीट कांस्टेबल कौन, शिकायत किसे दें बीट कांस्टेबलों व SHO के नंबर अपडेट नहीं
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
पुलिस महकमा क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के प्रयास में बीट व्यवस्था लागू तो कर चुका है, लेकिन यह व्यवस्था अब धीरे-धीरे धराशायी होती नजर आ रही है। आमजन को यह तक पता नहीं है कि उनके क्षेत्र का बीट कांस्टेबल कौन है और किसी घटना की सूचना किसे दें। पुलिस महकमें ने निर्देश दिए थे कि थाना क्षेत्र के सभी वार्डों में दीवारों पर थानाधिकारी, बीट प्रभारी और बीट कांस्टेबल के नाम व मोबाइल नंबर अंकित किए जाएं, लेकिन अधिकांश ग्रामीण वाडों में सूचना पट्ट ही नहीं लगे हैं। ऐसे में किसी भी घटना या वारदात की स्थिति में लोगों को सीधे थाने या चौकी पर जाना पड़ता है। नाम और नंबर नहीं होने से आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करना मुश्किल हो जाता है, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की की बर्बादी होती है। बीट कांस्टेबल भूमिका क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में अहम मानी जाती है। वह अपने क्षेत्र के अपराधियों, वांछित व्यक्तियों और गणमान्य लोगों की जानकारी रखता है तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है। साथ ही जनता और पुलिस के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ाने में भी बीट प्रभारी व कांस्टेबल की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। लेकिन सूचना बोर्ड न लगे होने के कारण लोग इस व्यवस्था से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं।
जल्द ही सूचना बोर्ड अपडेट करवा दिए जाएंगे-
खैरथल थानाधिकारी राकेश मीणा का कहना है कि पहले सूचना बोर्ड पर नाम और नंबर लिखवाए गए थे, मगर अधिकारियों के बदलने के बाद उन्हें अपडेट नहीं किया जा सका। ग्राम पंचायत या ग्रामीण चाहें तो बीट कांस्टेबल को बुलाकर सूचना बोर्ड पर नाम और नंबर अंकित करवा सकते हैं। वहीं डीएसपी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि समय-समय पर बीट कांस्टेबल और बीट अधिकारी बदले जाते हैं। कई स्थानों पर बारिश के कारण लिखे हुए नंबर भी खराब हो गए हैं। जिन वाडों में नाम और नंबर नहीं लिखे हुए हैं, वहां के पंच, सरपंच और पार्षदों से बात करके जल्द ही सूचना बोर्ड अपडेट करवा दिए जाएंगे।