दसलक्षण पर्व के तहत जैन मंदिरों मे हो रहे है अनेक धार्मिक आयोजन
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। दशलक्षण पर्व के तहत जैन समाज की ओर से अनेक प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। शहर के सदर बाजार स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, आनंद नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, जूसरी स्थित जैन मंदिर में जैन समाज की ओर से अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये गये। विशेष रूप से वसुंधरा नगर स्थित श्री चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में जैन समाज की ओर से दिन भर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। दशलक्षण महापर्व का द्वितीय दिवस उत्तम मार्दव धर्म के रूप में मनाया गया। दूसरे दिन प्रात: काल सभी साधर्मी प्रेमी बंधुओं ने मिलकर अभिषेक, शांतिधारा, पूजन अर्चना की एवं बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक श्री दशलक्षण विधान किया। जिसके बाद नवदेवता, पंचमेरू, सोलह करण पूजा एवं दशलक्षण पूजा उत्तम मार्दव धर्म के तहत सम्पादित की गई।
वसुंधरा नगर विकास समिति अध्यक्ष सुनील कुमार जैन ने बताया कि दसलक्षण पर्व के द्वितीय दिवस उत्तम मार्दव धर्म के दिवस पर तथा भगवान सुपार्श्वनाथ जी का गर्भ कल्याणक महोत्सव के अवसर पर सर्व प्रथम भगवान का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य संदीप,शशांक, प्रतीक, अपार गोधा परिवार को प्राप्त हुआ और आदिनाथ भगवान की शान्तिधारा करने का सौभाग्य अनिल कुमार, सुनील कुमार, मुकेशकुमार, अमित, सुमित, ऋषभ, सोहम समस्त ढीलवारी परिवार को प्राप्त हुआ।
शांतिनाथ भगवान की शांतिधारा प्रमोद कुमार, गिरिस कुमार, राजेश कुमार, हर्ष, प्राकुल बरेठा परिवार को प्राप्त हुआ। पदमप्रभु भगवान की शांतिधारा करने का सौभाग्य नवीन कुमार, मनीष कुमार शाह बजाज परिवार को प्राप्त हुआ और पार्श्वनाथ भगवान की शांतिधारा का नेमीचंद, राजकुमार, पंकज पाटनी परिवार को और महावीर भगवान की शांतिधारा का पवन, नवीन पंड्या परिवार को प्राप्त हुआ और त्याग भावना के माध्यम से शांतिधारा करने का सौभाग्य प्रकाश दोषी, शुभम कठेरिया, सुनील पहाड़िया, अंशुल पहाड़िया, आयुष पहाड़िया, धीर पहाड़िया, अतिशय पहाड़िया के द्वारा शांतिधारा हुई। दोपहर में अहिन्सा तथा भगवान महावीर के जीवन को लेकर विशेष कक्षा का आयोजन किया गया। इन कक्षाओं में छोटे बच्चों एवं महिलाओं ने बढ़ चढक़र भाग लिया। वही अरिहन्त सेवा संघ द्वारा ज्ञान बाटो, ज्ञान पाओं प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर रहने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। शाम को समाज द्वारा सामूहिक आरती की गई। दीपक भैया जी सांगानेर ने यहां पर आयोजित धर्मसभा को संबोधित किया।