18 गांवों में 36 घंटे से बिजली गुल, आंगई फीडर पर विभाग की लापरवाही उजागर
सरमथुरा (धौलपुर/ नाहर सिंह मीणा) धौलपुर जिले में बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर लोगों की परेशानी का सबब बन गई है। सरमथुरा तहसील अंतर्गत आंगई फीडर से जुड़े करीब 18 गांव गुरुवार सुबह से शनिवार दोपहर 7:00 बजे तक अंधेरे में डूबे रहे।इस भीषण गर्मी और उमस में ग्रामीणों को पीने के पानी तक के लिए तरसना पड़ा। इन दिनों बीमारी से ग्रसित मरीज एवं बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक मच्छरों और गर्मी से बेहाल रहे। विभाग शनिवार देर शाम 7 बजे तक भी नहीं करा पाया सप्लाई सुचारू।
शुक्रवार रात 10 बजे NCR समाचार प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तो पाया कि आंगई फीडर पर सहायक अभियंता हरिओम शर्मा, और अवधेश की निगरानी में नया ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य चल रहा था। सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा होकर विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताते नजर आए।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना समय रहते नहीं दी। वहीं जेईएन का मोबाइल भी लगातार ऑफ रहने से रोष और बढ़ गया। बाद में बताया कि फोन चार्ज न होने के कारण बंद रहा।
इस बीच, कई गांवों के लोगों ने सोशल मीडिया, और मीडिया के जरिए JVVNL मुख्यालय जयपुर तक शिकायत पहुंचाई। जिस पर निगम ने अपने आधिकारिक X अकाउंट से जानकारी साझा करते हुए बताया कि धौलपुर जिले के आंगई GSS के पावर ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आई है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद कार्मिक दिन-रात जुटे हैं और नए ट्रांसफार्मर को लोड कर शनिवार तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की नाराज़गी को देखते हुए क्षेत्र में रोटेशन के आधार पर वैकल्पिक आपूर्ति दी जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आए दिनों विभागीय कर्मचारी रात में शराब पार्टी कर घंटों अघोषित कटौती करते हैं। इस पर जेईएन हरिओम शर्मा का कहना था कि “बिजली का आना-जाना एक सतत प्रक्रिया है, हमारे यहां से लगभग 22 घंटे सप्लाई दी जा रही है।”
अब सवाल यह है कि ग्रामीणों की पीड़ा और विभागीय दावों के बीच सच्चाई आखिर क्या है?