विश्व शांति दिवस के उपलक्ष में हुआ संगोष्ठी का आयोजन
उदयपुरवाटी (सुमेर सिंह राव)
शहर के घूम चक्कर के समीप प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थानीय पाठशाला में सर्वोदय कार्यकर्ता बद्री प्रसाद तंवर के मुख्य आतिथ्य में विश्व शांति एवं विश्व आभार दिवस के उपलक्ष में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसके विशिष्ट अतिथि समाजसेवी एडवोकेट मोतीलाल सैनी थे तथा संगोष्ठी की अध्यक्षता रामेश्वर लाल प्राचार्य जहाज ने की।
इस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सर्वोदय कार्यकर्ता बद्री प्रसाद तंवर ने कहा कि आज समस्त संसार में शांति की अत्यंत आवश्यकता है। यह शांति का अध्याय अब व्यक्ति से संपूर्ण जगत तक का बना हुआ है किंतु स्थायी शांति बिना आत्मिक शांति का मिलना असंभव है। रामेश्वर लाल सैनी ने कहा कि अपेक्षा ही अशांति का मूल कारण है ।
संतोष परमधर्म यदि हर व्यक्ति मान ले तो अशांति का कोई कारण नहीं रह जाता है। समाजसेवी एडवोकेट मोतीलाल सैनी ने शांति को ही समस्त जगत की समस्याओं का निदान बताते हुए कहा कि हर समस्या के समाधान का शांति ही मुख्य आधार है। आशा सैनी प्राप्त को ही पर्याप्त बताते हुए शांत मन का आधार बताया। वीरेंद्र सैनी ने व्यस्त रहो मस्त रहो को शांति का सूत्र बताया। सुल्तान सिंह ने शांति को आत्मा का मूल गुण बताया।
स्थानीय केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सुनिता बहन ने इस संगोष्ठी को विस्तार से संबोधित करते हुए कहा कि यदि समस्या को समाधान और कारण को निवारण में बदल दे तो व्यक्ति के सामान्य स्तर से विश्व पटल तक की सभी समस्याओं का निवारण हो सकता है व विश्व में शांति की स्थाई स्थापना हो सकती है। आत्मिक शांति के बिना बाहरी शांति असंभव है और आत्मिक शांति का मुख्य आधार राजयोग मेडिटेशन है। केंद्र में पधारे सभी का बीके सुनीता बहन ने अभिनंदन तथा आभार व्यक्त किया। इस संगोष्ठी में चौथमल जांगिड़, सोनू सैनी, घोटी देवी, सुशीला देवी, सविता सैनी, सरोज, तारा जांगिड़, बबीता जांगिड़ कंचन जांगिड़, चंचल, ऋषि कुमारी आदि उपस्थित थे।

