श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला-2025 तकनीकी सेमिनार उपसमिति की बैठक आयोजित
किसानों को आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी करें प्रदान-बीडीए आयुक्त
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) श्री जसवंत प्रदर्शनी एवं पशु मेला-2025 के सफल क्रियान्वन के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियाँ जोर-शोर से की जा रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को तकनीकी सेमिनार की व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भरतपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त कनिष्क कटारिया ने की।
बीडीए आयुक्त ने कहा कि तकनीकी सेमिनार मेले की विशिष्ट पहचान बनेंगे और किसानों, पशुपालकों व उद्यमियों को नई दिशा प्रदान करेंगे। यह प्रयास कृषि और पशुपालन क्षेत्र को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले के अंतर्गत 3 से 4 अक्टूबर को कृषि, पशुपालन, डेयरी विकास, मत्स्य पालन, बागवानी, जैविक खेती और भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान की नवीनतम तकनीकों पर आधारित विशेषज्ञ व्याख्यान और तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। इनका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों, वैज्ञानिक पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाना है।
बीडीए आयुक्त ने निर्देश दिए कि सेमिनार में कृषि वैज्ञानिक, पशु चिकित्सक, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि उद्यमी और विभिन्न विभागों के अधिकारी अनिवार्य रूप से भाग लें। उन्होंने भरतपुर की भौगोलिक स्थिति और बरसात में जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसानों, युवाओं और महिला समूहों को सेमिनार में आमंत्रित करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेषज्ञों की सूची तैयार कर शीघ्र आमंत्रण पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए।
आयुक्त ने सेमिनार स्थल पर कूलर, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, ऑडियो-वीडियो सिस्टम, पंजीकरण काउंटर, स्वागत कक्ष और मार्गदर्शन केंद्र की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवीनतम कृषि और पशुपालन तकनीकों से संबंधित साहित्य, पंपलेट और पुस्तिकाएँ वितरित कर प्रचार-प्रसार करने और प्रत्येक ग्राम पंचायत से दो किसानों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सचिव डॉ. महेश चंद प्रजापत ने बताया कि दो दिवसीय सेमिनार में डेयरी , मत्स्य पालन, डिजिटल तकनीक, ड्रिप सिंचाई, जल संरक्षण, जैविक खाद, पशुधन प्रबंधन और रोग नियंत्रण जैसे विषय शामिल होंगे। बैठक में सेमिनार की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में भारतीय सरसों अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. भागीरथ राम, डॉ. हरिवीर सिंह, उद्यान कृषि अधिकारी मनोज कुमार, सीमा गुप्ता, एसीएफ सुरेश चौधरी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित