छात्र-छात्राओं के सुरक्षित परिवहन हेतु बाल वाहिनी योजना के नियमों की पालना सुनिश्चित हो — जिला पुलिस अधीक्षक
भरतपुर (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) 10 अक्टूबर। छात्र-छात्राओं के सुरक्षित आवागमन को लेकर राज्य सरकार द्वारा संचालित बाल वाहिनी योजना की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने हेतु शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद की अध्यक्षता में बाल वाहिनी योजना समिति की बैठक पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई।
जिला पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बिना पंजीयन एवं पुलिस सत्यापन के कोई भी वाहन विद्यालयी परिवहन के लिए उपयोग में नहीं लिया जाए। विद्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी बाल वाहिनी वाहन अधिकृत हों एवं चालक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
जिला परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि बाल वाहिनी योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यालयों के वाहन, जो छात्र-छात्राओं के परिवहन के लिए उपयोग में लाए जाते हैं, उनका पंजीयन अनिवार्य है। समिति की बैठक में विद्यालयों के संस्था प्रधानों एवं संबंधित अधिकारियों को योजना के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि जिन 103 बाल वाहिनियों ने 31 जुलाई 2025 तक वाहन फिटनेस नहीं कराई है, उनकी पंजीयन पुस्तिकाएं निलंबित की गई हैं। भविष्य में भी नियमों की अवहेलना करने पर इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने सभी संचालकों से अपील की कि वे समय पर वाहन की फिटनेस करवाएं और योजना के दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना करें।
यातायात वृताधिकारी नरेन्द्र कुमार ने बाल वाहिनी चालकों की नियमित स्वास्थ्य जांच एवं नेत्र परीक्षण कराए जाने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
जिला शिक्षा अधिकारी अतुल चतुर्वेदी ने बताया कि निदेशक, शिक्षा विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार सभी संस्था प्रधानों को बाल वाहिनी योजना की 100 प्रतिशत पालना का शपथ पत्र ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराना अनिवार्य है।
इस दौरान बैठक में उपखण्ड अधिकारी भारती गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्र कुमार गोपालिया, भरतपुर विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता बृजेश कुमार सहित विभिन्न विद्यालयों के संस्था प्रधान उपस्थित रहे।