जुरहरा पुलिस की कार्यवाही, 50 लाख की ठगी का खुलासा; 11 साइबरठग गिरफ्तार, होटलों में सस्ती दरों पर करते थे फर्जी बुकिंग
डीग जिले में पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन एंटीवायरस 2.0' के तहत जुरहरा थाना पुलिस ने एक साइबर गैंग का पर्दाफाश करते हुए 11 ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 11 सिमकार्ड बरामद किए हैं। इस गैंग द्वारा अब तक 50 लाख रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है।
यह कार्रवाई आरपीएस अधिकारी नरेश कुमार चनेजा के नेतृत्व में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि औद्योगिक क्षेत्र सोनोखर के जंगल में कुछ लोग मोबाइल के माध्यम से ठगी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपियों को धर दबोचा।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ये ठग समूह बनाकर काम करते थे। वे सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर होटलों में सस्ती दरों पर ऑनलाइन कमरा बुकिंग का झांसा देते थे। इसके बाद पीड़ितों से फर्जी खातों में पैसे डलवाकर ठगी करते थे। इसके अलावा, वे सस्ते दामों पर फर्जी सिमकार्ड खरीदकर उन्हें साइबर ठगी करने वाले अन्य लोगों को महंगे दामों पर बेचते थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हासिब पुत्र आसीन (निवासी ऊंचेड़ा), रौनक पुत्र जैकम (निवासी ऊंचेड़ा), शोयब पुत्र अख्तर (निवासी गांवड़ी), मोहिन पुत्र शेरमोहम्मद (निवासी परेही), शौकीन पुत्र मौजखा (निवासी नगला डुबोकर), तैयब हुसैन पुत्र समसू (निवासी कंचनेर), इकलाश पुत्र मुबीन (निवासी जुरहरा), इम्तियाज पुत्र जुबेर (निवासी जुरहरा), अब्बास पुत्र सपात (निवासी कुकरपुरी), असफाक पुत्र निजरमोहम्मद (निवासी कुकरपुरी) और मनप्रीत पुत्र गुरुचरण (निवासी सहसन) के रूप में हुई है।
आरपीएस नरेश कुमार चनेजा ने बताया कि साइबर ठगों के पास से 8 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड और 3 फर्जी कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस ने 1930 पर मिली शिकायत की लोकेशन के आधार पर भी कार्रवाई की है। पूछताछ में पता चला है कि गैंग के सदस्य एक ही लोकेशन से चार लाख रुपये की ठगी कर चुके थे। पुलिस की गहन पूछताछ और मोबाइल फोन से मिले सबूतों के आधार पर अब तक कुल 50 लाख रुपए की ठगी का खुलासा हुआ है।


