भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप ‘राज-उन्नति’ पोर्टल राज्य सरकार का एक प्रभावी प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसका उद्देश्य विकास परियोजनाओं में आ रही सुस्ती को समाप्त कर पारदर्शिता बढ़ाना तथा कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल के माध्यम से लंबित एवं अटकी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करते हुए नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत पात्र गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सरकारी एवं निजी अस्पतालों में निःशुल्क कैशलेस उपचार तथा दुर्घटना बीमा कवर की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने एडीएम सिटी, उपखंड अधिकारी भरतपुर एवं जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित किया कि मां योजना में पंजीकृत निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र परिवारों को निःशुल्क उपचार की सुविधा सुचारु रूप से मिल रही हो।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करें, मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा प्रतिदिन लगभग 10 असंतुष्टि प्रकरणों की जांच करें। नामांतरण एवं सीएम पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विभाग को अपने विशेष मुद्दों, विकास कार्यों एवं राज्य स्तर पर लंबित परियोजनाओं की मासिक रिपोर्ट प्रत्येक माह की 5 तारीख तक एडीएम सिटी को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग को टीम भावना से कार्य करते हुए पात्र बालिकाओं के दस्तावेज पूर्ण कर लाडो प्रोत्साहन योजना के लंबित प्रकरणों में शीघ्र प्रगति लाने की बात कही। उन्होंने स्वावलम्बन पोर्टल पर दिव्यांग प्रमाण-पत्र हेतु लंबित आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग कर शत-प्रतिशत निस्तारण एवं पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता को आरबीएम अस्पताल में जल कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
राज कॉप सिटिजन एप डाउनलोड करने पर जोर
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना एवं जिला महिला समाधान समिति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए नवाचारात्मक पहल करने पर बल दिया। आगामी वित्तीय वर्ष में स्वयंसेवी संस्थाओं एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से बालिकाओं के लिए निःशुल्क इंग्लिश स्पोकन प्रशिक्षण प्रारंभ करने पर चर्चा की गई। उन्होंने उपनिदेशक महिला अधिकारिता राजेशकुमार से कहा कि बयाना, भुसावर एवं नदबई क्षेत्र की बालिकाओं हेतु लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए उपखण्ड अधिकारी एवं अधिशाषी अधिकारी से समन्वय स्थापित करें। वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र तथा ग्राम पंचायत स्तर पर सखियों के माध्यम से राज कॉप सिटिजन एप डाउनलोड करवाकर उसकी जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर बल दिया गया।
इस एप के माध्यम से महिलाएं एवं बालिकाएं आपातकालीन सहायता, एफआईआर की स्थिति, ऑनलाइन शिकायत, नौकरी संबंधी जानकारी एवं अन्य महिला सुरक्षा सुविधाओं का लाभ घर बैठे प्राप्त कर सकती हैं। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महिला सैल शंकर मीना को स्पॉन्सरशिप (निवारणात्मक) योजना के अंतर्गत बेसहारा, निराश्रित, अनाथ, गंभीर बीमारी से पीड़ित अभिभावकों के बच्चों तथा बाल विवाह एवं बाल श्रम से प्रभावित बच्चों को उनके विस्तारित परिवार के साथ रहने हेतु प्रति बालक 4 हजार प्रतिमाह सहायता उपलब्ध कराने के प्रकरणों में अधिक से अधिक पात्र बच्चों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, शहर राहुल सैनी, आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई, आबकारी अधिकारी राजीव शर्मा, उपखण्ड अधिकारी भारती गुप्ता, अधीक्षण अभियंता विद्युत रामहेत मीणा, अधीक्षण अभियंता पीएचईडी एनके वर्मा, सीएमएचओ डॉ. गौरव कपूर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।