रामगढ़ में एसडीएम की कार्यशैली पर वकीलों का प्रदर्शन: लंबित मामलों के जल्द निस्तारण की मांग, बोले- भूमि विवादों पर स्टे आदेश जारी नहीं किए जा रहे
रामगढ़ (अलवर) रामगढ़ बार एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को अधिवक्ताओं ने रामगढ़ एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वकीलों ने एसडीएम बाबूलाल वर्मा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि पिछले दो महीनों से किसानों और अधिवक्ताओं के महत्वपूर्ण मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अपनी जमीन, नामांतरण और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है। अधिवक्ताओं की फाइलें भी लंबित रखी जा रही हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
सीनियर एडवोकेट राजकुमार यादव ने बताया कि गंभीर भूमि विवादों में समय पर स्टे आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू हो जाता है, जिससे बाद में स्थिति और जटिल हो जाती है। कुछ अधिवक्ताओं ने रिकॉर्ड फाइलों के गायब होने की भी शिकायत की।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम पिछले लगभग एक महीने से नियमित रूप से अपनी सीट पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं। इस कारण आमजन, किसान और वकीलों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, एसडीएम की कार्यप्रणाली के खिलाफ वकीलों का विरोध प्रदर्शन करीब 10 दिन से चल रहा है। एसडीएम कई दिनों से छुट्टी पर थे और उनका चार्ज गोविंदगढ़ एसडीएम को सौंपा गया था। एसडीएम के आज ड्यूटी पर कार्यालय में बैठने के बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन की रूपरेखा और व्यापक की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान एडवोकेट संजय वर्मा, सियाराम गुर्जर, लाखन दत्त शर्मा, फखरुदीन, दलित चौधरी, मुकेश चौधरी और तैय्यब खान सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे।