विधायक सुखवंत सिंह ने विधानसभा में उठाया मुद्दा: ओड समाज के लिए ओबीसी प्रमाण पत्र सरलीकरण की मांग
रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ओड समाज के लोगों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सभापति के माध्यम से सरकार से इस विषय में स्पष्ट नीति बनाने और प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग की।
विधायक ने सदन को बताया कि जिन नागरिकों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में 'ओड' दर्ज हैं, उन्हें तो ओबीसी जाति प्रमाण पत्र आसानी से जारी कर दिया जाता है। हालांकि, जिनके नाम पुराने राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण बड़ी संख्या में पात्र लोग सरकारी योजनाओं और आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा 22 मार्च 1977 को जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड को प्राथमिक दस्तावेज माना गया है। राज्य सरकार के 09 सितंबर 2015 के दिशा-निर्देशों के तहत अन्य दस्तावेज—जैसे शैक्षणिक अभिलेख, नगर पालिका या ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड—जिनमें आवेदक की जाति की पुष्टि होती हो, उनका परीक्षण कर भी जाति प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है। विधायक सुखवंत सिंह ने सरकार से प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी बनाने की मांग की।

