भरतपुर,(कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, 2024-25 एवं 2025-2026 की बजट घोषणाओं एवं विभिन्न विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा को लेकर सोमवार को संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभागार कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
संभागीय आयुक्त ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा जिन परियोजनाओं में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, उनमें समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति प्रदान की जाए। उन्होंने आगामी पंचायती राज चुनावों को ध्यान में रखते हुये निविदा प्रक्रिया को आचार संहिता से पूर्व करने के निर्देश दिए।
उन्होंने आरयूआईडीपी विभाग के अधिकारियों को वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए भरतपुर शहर में संचालित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। नगर निगम आयुक्त को शहर के विभिन्न वार्डों में नियमित साफ-सफाई की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने शहर में खराब एवं कम रोशनी वाली स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने तथा सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश प्रदान किए। सीवरेज, जलापूर्ति, सड़क, ऊर्जा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
उन्होंने कहा कि नगर निगम अधिकारी अपने अधीनस्थ कार्मिकों के साथ मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल, जनसुनवाई एवं संभागीय आयुक्त कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। आरटीआई से संबंधित 74 प्रकरणों के लिए संबंधित नोडल अधिकारी को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिससे आमजन को सूचना का अधिकार अधिनियम का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए असंतुष्ट प्रकरणों (लगभग 10 से 20) को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। जनवरी माह में दर्ज प्रकरणों में संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर परिवादियों से वार्ता करने तथा फोटो एवं वीडियो अपलोड करने के लिए कहा गया।
संभागीय आयुक्त ने शहर में अतिक्रमण, साफ-सफाई एवं बिजली व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपनी उपलब्धियों एवं प्रगति रिपोर्ट को अद्यतन रखते हुए साप्ताहिक समीक्षा प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
फ्लैगशिप योजनाओं के अंतर्गत जनभागीदारी बढ़ाने, लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करने, आपसी समन्वय बनाए रखने तथा राज्य सरकार की मंशानुरूप योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही, सफाई शाखा के संबंधित 11 कार्मिकों के विरुद्ध लंबित प्रशासनिक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।
इन विषयों पर हुई चर्चा
संभागीय आयुक्त ने भरतपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में ड्रेनेज सिस्टम, सीवरेज कार्य, खेल सुविधाएं, हैरिटेज तर्ज पर सौन्दर्यीकरण, सडक निर्माण एवं चौडाईकरण, जनाना अस्पताल में पार्किंग सुविधा, पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को किश्त भुगतान, लाईट्स पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों के निस्तारण, पीएम ई-बस योजना के तहत बसों के क्रय प्रस्ताव सहित विभिन्न बिन्दुओं पर नगर निगम के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त नीलिमा तक्षक, आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई, डीडीआर रिछपाल सिंह बुरडक, निगम सचिव विजय प्रताप सिंह सहित नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।