घायल हरिण के बच्चे का प्राथमिक उपचार के बाद सुपुर्द किया अमृता देवी वन्यजीव संरक्षण संस्थान
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल) धोरीमन्ना उपखण्ड क्षेत्र के पाबूबेरा सरहद में जंगली श्वानों ने हिरणों के झुंड का पीछा कर एक मादा हिरण व उसके छोटे बच्चे को अपने चंगुल में ले लिया तो उस समय खेत में काम कर रहे लोगों को हिरण के रोने की आवाज सुनाई दी तो वे उस तरफ दोङे और आवाज दी तो श्वान घायल हिरणों को छोङकर भाग गये। कोशिश पर्यावरण सेवक सांचौरी-मालाणी के सह-प्रभारी व स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने घटना की जानकारी देते हुए बताया बुधवार को जब पाबूबेरा गांव में पदमाराम गोदारा पूरे परिवार के साथ खेत में काम कर रहा था उस समय उनके पास स्थित धोरों में हरिण के रोने की आवाज सुनाई दी तो वे उस तरफ दोङे और जोर-जोर से आवाज लगाई तो श्वान हिरणों को छोङकर भाग गये तब नजदीक जाकर देखा तो एक मादा हिरण व उसका छोटा घायल अवस्था में तङप रहे थे तब पदमाराम ने मुझे फोन किया तो मैंने तुरंत प्रभाव से प्राथमिक उपचार हेतु सलाह दी लेकिन मादा हिरण ज्यादा घायल होने के कारण बच नहीं सकी लेकिन उसका छोटा बच्चा कम घायल होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद स्वस्थ दिखा तो हमने उसे सेवा व सुरक्षा के लिए मां अमृता देवी वन्यजीव संरक्षण संस्थान कातरला पहूंचाया उचित समझा तो उसे अपने निजी वाहन से वहां पहूंचाया और संस्थान के व्यवस्थापक रामजीवन बेनीवाल को सुपुर्द किया।साथ ही संस्थान को मूक प्राणियों की सेवा व सुरक्षा के लिए आर्थिक सहयोग भी किया।इस तरह सभी ने मानवता का परिचय देते हुए एक जीव को काल ग्रसित होने से बचाया।