ग्रामीण अंचल में आबकारी विभाग की अनदेखी, आबकारी विभाग की मिलीभगत से हो रहा अवैध रूप से मदिरा की दुकानों का संचालन
वैर (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ग्रामीण अंचल में आबकारी विभाग की बिना मान्यता के अवैध रूप से दो दर्जन से अधिक मदिरा की दुकानों का संचालन खुले आमबिना रोक-टोक जारी है। अवैध रूप से चल रही आबकारी विभाग भरतपुर एवं बयाना सर्किल अधिकारियों की अनदेखी तथा मिली भगत के कारण आबकारी नियमों के विरुद्ध दुकानों का आवंटन कर दुकानों का संचालन कराया जा रहा है अधिकारियों की सह पर मदिरा की दुकानों पर देर रात तक प्रिंट रेट से अधिक रेट में शराब की अवैध रूप से विक्रय खुलेआम किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीण अंचल में अवैध रूप से गली गली में अवैध रूप से दुकानें खुली हुई है अवैध रूप से शराब की दुकानों का संचालन होने से सामाजिक रूप से प्रतिकूल असर पड़ रहा है वही सामाजिक घरेलू झगड़े तक होते रहते है राजस्थान आबकारी विभाग की ओर से आवंटित दुकान में कई जगह पर अवैध ब्रांच डाल कर खुले आम आबकारी विभाग के नियमों का उल्लंघन कर दुकानें संचालित हो रही है। गांव बल्लभगढ़ में सरकारी विद्यालय, पेट्रोल पंप तथा मंदिर के पास अवैध रूप से शराब की दुकान खुली हुई है।
वही एन एच 21जयपुर भरतपुर पर स्थित खेड़ली मोड़ से ग्राम पंचायत सलेमपुर खुर्द की तरफ जाने वाले रास्ते में मंदिर से मात्र सौ मीटर की दूरी भी नहीं होने के बाबजूद भी शराब के ठेके की दुकान संचालित हो रही है आबकारी विभाग की इन दुकानों पर अवैध रूप से अधिक रेट में शराब की बिक्री हो रही है साथ ही इलाके के ग्रामीण जनों ने मंदिर तथा सरकारी विद्यालयों के पास संचालित हो रही शराब की दुकानों को बंद किए जाने की मांग कई बार जिला प्रशासन सहित आबकारी विभाग से की जा चुकी है लेकिन मंदिर एवं सरकारी विद्यालयों के पास संचालित शराब की दुकानों को प्रशासन की तरफ से बंद नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी एवं जिला आबकारी विभाग भरतपुर तथा बयाना सर्किल अधिकारियों की अनदेखी या मिली भगत के कारण भुसावर अंचल में आबकारी विभाग के नियमों के विपरीत अवैध रूप से शराब की दुकानों का संचालन किया जा रहा है सरकारी विद्यालयों तथा मंदिरों के पास बल्लभगढ़ में संचालित शराब की दुकानों को बंद कराए जाने की मांग प्रशासन से की है । आबकारी विभाग की ओर से कुकुरमुत्तों की तरह खोली गई शराब की दुकानों का अब विरोध किया जा रहा है ।
ग्रामीण जनों की शिकायत है कि राजस्थान आबकारी अधिनियम के तहत आबादी तथा सरकारी संस्थान मंदिरों पेट्रोल पंप के आस पास दुकान आवंटन भी नहीं कर सकते जबकि आबकारी विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रलोभन के चलते सरकारी विद्यालय मंदिर पेट्रोल पंप के आस पास दुकानों का आवंटन कर दिया गया। जिसके कारण आमजन को भारी परेशानी हो रही है सुबह शाम मंदिर जाने वाले भक्त जनों या विद्यालय पढ़ने आने जाने वाली छात्राओं को भी शराब के नशेडियों का सामना भी करना पड़ रहा है।
लेकिन जिले के मदहोश अधिकारियों को हर महीने चौथ वसूली पहुंच जाने के कारण ग्रामीण अंचल में सरकारी विद्यालयों मंदिरों पेट्रोल पंप के आस पास अवैध रूप से संचालित शराब की दुकानों को बंद करने की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों की कमी या मिली भगत के कारण अपराधिक गतिविधियों में भी वृद्धि हो रही है।
आबादी इलाके में अवैध रूप से संचालित शराब की दुकानों पर नशेडियों की ओर से संभ्रांत लोगों के साथ दुर्व्यवहार तक कर देते है झगड़ा करने को तैयार कर हो जाते है वही नशेडियों की ओर से जब शराब के लिए पैसे नहीं होते है तब ऐसी हालत में नशेड़ी चोरी या माता पिता से झगड़ा कर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहते है।घरेलू हिंसा मार पीट की घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है साथ ही इलाके में अपराधिक गतिविधियों का ग्राफ रोजाना ज्यादा बढ़ रहा है।