अपने सुखों का त्याग किए बिना आध्यात्मिक मार्ग पर चलना संभव नहीं- गुरुदेव भास्कर भारद्वाज
कोटकासिम (अलवर/जयबीर सिंह) पवित्र मनन दीप सत्संग सेवा संस्थान कोटकासिम द्वारा भूतेश्वर मंदिर में ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। इस दौरान गुरुदेव भास्कर भारद्वाज ने आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
1. गुरुदेव भास्कर ने कहा— दूसरों के चेहरे पर खुशी लाने की कोशिश करनी चाहिए
प्रवचन करते हुए गुरुदेव ने कहा कि यदि हम आध्यात्मिक मार्ग पर चलना चाहते हैं तो अपने सुखों का त्याग कर समाज सेवा और परहित में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद तभी प्राप्त होता है जब हम अपने से अधिक दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने का प्रयास करें।
2. गुरुदेव ने कहा— हमारे साथ धर्म और भक्ति ही जाती है
गुरुदेव ने बताया कि आज का इंसान सांसारिक कार्यों में इतना उलझ चुका है कि उसका ध्यान ईश्वर की ओर जाता ही नहीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य के साथ सिर्फ उसका किया हुआ धर्म-कर्म और प्रभु भक्ति ही जाती है, इसलिए इनकी ओर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में गुरुदेव भास्कर भारद्वाज ने सभी को ध्यान करवाया और ध्यान साधना का महत्व समझाया। आयोजन में सत्संग परिवार सहित बड़ी संख्या में भक्त गण मौजूद रहे और सभी ने ज्ञान यज्ञ का लाभ प्राप्त किया।

