भागवत कथा में सुदामा चरित्र व सुखदेव विदाई की कथा का प्रसंग सुनाया
सकट क्षेत्र के मोतीवाड़ा गांव में कुटी की तलाई डुंगरी बास स्थित भोमियाजी महाराज के स्थान पर ग्रामीणों के सहयोग से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में रविवार को कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कथा व्यास बनवारी बापू ने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। उन्होंने कथा में कृष्ण सुदामा की मित्रता का वर्णन किया और सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन करने के साथ ही सुदामा चरित्र व सुखदेव विदाई की कथा का प्रसंग सुनाया गया। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण के जयकारों से संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण सुदामा व रुक्मणी की जीवंत झांकी सजाई गई। रामस्वरूप बोहरा ने बताया कि कथा सुनने प्रतिदिन गांव मोती वाड़ा के अलावा नीमला, टोड़ी, राजपुर बड़ा, शोभापुरा सहित अन्य गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा का समापन पूर्णाहुति व भंडारे के साथ सोमवार को होगा। इस मौके पर पद दंगल का आयोजन किया जाएगा।