सर्किट हाउस में पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा का बड़ा हमला: टीकाराम जूली और डोटासरा को सिर्फ मुस्लिम वोटों की चिंता
कांग्रेस–भाजपा दोनों के तीन-तीन नेता हारेंगे चुनाव
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर के सर्किट हाउस में रामगढ़ के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीति में जनता के मुद्दों की जगह केवल वोट बैंक की राजनीति हावी हो रही है। सबसे बड़ा आरोप नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर लगाते हुए उन्होंने कहा कि “इन नेताओं को सिर्फ मुस्लिम वोट की चिंता है, जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।”
आहूजा ने कहा कि प्रदेश की राजनीति आज हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों के हाथों में है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई नेता धार्मिक मुद्दों पर असंवेदनशील टिप्पणी करते हैं और फिर मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए अपनी बातों को मोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व अब मूल मुद्दों—विकास, बेरोज़गारी, किसानों की समस्या—से पूरी तरह भटक चुका है। पूर्व विधायक ने आगे कहा कि 2025 का चुनाव कई बड़े नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा। उन्होंने भविष्यवाणी की कि भाजपा के तीन जन प्रतिनिधि और कांग्रेस के तीन जन प्रतिनिधि आगामी चुनाव में हारेंगे। उन्होंने कहा कि जनता अब नेताओं को उनके काम के आधार पर ही सबक सिखाएगी, चाहे वह कोई भी पार्टी का क्यों न हो। ज्ञानदेव आहूजा ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय को एक चिट्ठी भी लिखी है, जिसमें उन्होंने भगवान विष्णु के संदर्भ में हुई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिंदू आस्था के प्रतीकों पर टिप्पणी करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। आहूजा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता लगातार हिंदू समाज को आस्था के मुद्दों पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि भाजपा ने हमेशा हिंदू संस्कृति और मूल्यों की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि आज देश की राजनीति को हिंदू हितों की आवश्यकता है, न कि वोट बैंक की। अंत में उन्होंने कहा “अलवर की जनता सब जानती है। आने वाले चुनाव में जनता ही सच का फैसला करेगी। जो नेता सिर्फ चमक-दमक और वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, वे अपनी हार खुद लिखकर बैठे हैं।”