गोविंदगढ़ में बाबा साहब का 70वां महापरिनिर्वाण दिवस मनया, श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों को किया गया याद
गोविंदगढ़ कस्बे स्थित शनिवार को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप डॉ. बीआर अंबेडकर पार्क में एक सभा आयोजित की गई, जहां बाबा साहब की प्रतिमा पर मालार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया गया। इस दौरान सभी समाज बंधुओ ने अपने-अपने विचार रखें
हरलाल जाटव ने बताया कि भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। यह उनका 70वां महापरिनिर्वाण दिवस है, क्योंकि 6 दिसंबर 1956 को उनका निधन हुआ था। डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का निर्माता कहा जाता है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। उन्होंने अपना पूरा जीवन दलितों, शोषितों और पिछड़ों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया।
राधेश्याम जाटव ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन दलित उत्थान में लगा दिया और हमेशा समानता की बात की, चाहे वह मानवों के बीच समानता हो या कानून के समक्ष समानता।
रामहेत जाटव ने कहा कि बाबा साहब ने हमेशा मजदूर वर्ग और महिलाओं के अधिकारों का समर्थन किया। दलितों के मसीहा के रूप में जाने जाने वाले अंबेडकर एक महान चिंतक, समाज सुधारक, न्यायविद और अर्थशास्त्री भी थे। पूर्व सभासद रामबाबू जाटव ने बताया कि डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में एक महार परिवार में हुआ था, जिसे उन दिनों निचली जाति माना जाता था।
हेमन्त मेहरा ने कहा कि भारत रत्न आंबेडकर एक आदर्श हैं। उन्होंने पूरे देश को रास्ता दिखाया, उन्होंने हमें संविधान दिया। इसलिए, हम उन्हें याद करते हैं और उनके विचारों और संविधान की रक्षा करते हैं।
कार्यक्रम में हरलाल वर्मा, राधेश्याम जाटव, हरलाल वर्मा, रामहेत जाटव, सुरेश जाटव, पूरण लाल वर्मा, सीताराम जाटव, लक्ष्मी नारायण, हेमन्त मेहरा, सुभाष जाटव, लोकेंद्र जाटव, जमनालाल जाटव, डॉक्टर सीताराम जाटव, खेमचंद जाटव, छगन लाल बलाई, समुन्द्र सिंह जाटव, Adv.लवी कुमार जाटव, रॉबिन जाटव, रुद्र प्रताप सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।