100 डेज़ बाल विवाह निवारण अभियान के तहत लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक में ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन ) शिव शिक्षा समिति राणोली द्वारा संचालित कवच परियोजना के अंतर्गत लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक में ब्लॉक स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्यों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर पंचायत समिति के सभागार में सुबह 11 बजे से आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 100 डेज़ बाल विवाह निवारण अभियान के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ बाबूलाल यादव, खंड विकास अधिकारी, पंचायत समिति लक्ष्मणगढ़ द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने सभी ग्राम विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि पंचायत स्तर पर गठित बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय करते हुए ग्राम स्तर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। तथा बच्चों से संबंधित सूचनाओं का नियमित एवं व्यवस्थित संकलन किया जाए।
सहायक विकास अधिकारी अमर सिंह ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सहयोग करने तथा पंचायत स्तर पर पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सुचारू रूप से क्रियान्वयन करवाने की बात कही। वहीं पंचायत मुख्य खंड शिक्षा अधिकारी चिरंजी लाल मीणा ने शिव शिक्षा समिति द्वारा संचालित कवच परियोजना के कार्यों की सराहना करते हुए क्षेत्र स्तर पर सभी विद्यालयों में बाल संरक्षण से संबंधित मुद्दों पर मीना मंच के माध्यम से सहयोग करने का आश्वासन दिया।
सहायक विकास अधिकारी अमर सिंह एवं सहायक विकास अधिकारी अमरचंद चौधरी ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में सभी विभागों के समन्वय से कार्य करने, पंचायत स्तर पर पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समितियों को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने, तथा बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई एवं संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप करने पर बल दिया।
ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूपेंद्र शर्मा ने पंचायत स्तर पर बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभागीय स्तर से संसाधनों जैसे टीकाकरण, सैनिटरी नैपकिन, आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम आदि की समय पर आपूर्ति एवं सहयोग की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अगले सत्र में परियोजना अधिकारी प्रियंका सिंह ने मिशन वात्सल्य के तहत गठित बाल संरक्षण समिति की संरचना, सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारियाँ, रिपोर्टिंग तंत्र तथा जिले में बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान सहभागियों को जीपीडीपी के 9 इंडिकेटर एवं बाल मित्रपूर्ण पंचायत की अवधारणा के बारे में भी जानकारी दी गई।
100 डेज़ बाल विवाह निवारण अभियान के अंतर्गत ब्लॉक समन्वयक देवेंद्र मेहरा ने अलवर जिले में बाल विवाह की वर्तमान स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में 32.02 प्रतिशत लड़कियों का विवाह 18 वर्ष से कम आयु में हो जाता है, जो कि अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। इस अवसर पर सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को बाल विवाह निषेध की शपथ भी दिलाई गई।
कार्यक्रम में सभी ग्राम विकास अधिकारी, प्रशासक, शिव शिक्षा समिति से एमआईएस कोऑर्डिनेटर क्षिप्रा जोशी, ब्लॉक समन्वयक जगतनारायण, सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


