हनी एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना सरसों अनुसंधान केंद्र में किया जाए स्थापित, पूर्व सांसद पण्डित रामकिशन एवं सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को भेजे सुझाव पत्र
भरतपुर (विष्णु मित्तल), राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पूर्व सांसद पण्डित रामकिसन तथा समृद्व भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने भरतपुर जिले के दीर्घकालीन एवं समग्र विकास के लिए सुझाव पत्र भेज कर आग्रह किया है,इन सुझावों पर अमल कर भरतपुर जिले को विकसित जिला बनाए,जिसमें सभी सरकारी,गैर सरकारी संस्थान और जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा जिले में कराए जा रहे विकास कार्यो के प्रति आभार व्यक्त किया। पूर्व सांसद पण्डित रामकिसन एवं निदेशक सीताराम गुप्ता ने पत्र के माध्यम से यहां की प्राथमिकताओं,रोजगार के लिए नवीन संस्थानों की स्थापना, स्वीकृत कार्यो को तीव्र गति से पूरा करने,नये औद्योगिक क्षेत्र की घोषणा करने, हनी एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना सरसों अनुसंधान केंद्र में स्थापित करने जैसे सुझाव दिए हैं। पत्र में लिखा है कि राज्य के सभी संभाग मुख्यालयों पर कृषि विश्वविद्यालय संचालित है लेकिन भरतपुर संभाग में कोई कृषि विश्वविद्यालय नहीं है।
कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में किसानों को नवीन कृषि तकनीक व अनुसंधानों का लाभ मिलेगा जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा युवाओं को नए रोजगार के प्रशिक्षण प्राप्त होंगे। राज्य बजट.2024 में घोषित स्टेट लेवल फूड प्रोसेसिंग सेंटर शीघ्र स्थापित कर प्रारंभ कराया जाये। जिससे कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगाए किसानों की आय में वृद्धि होगी और बेरोजगार युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के कार्यों से रोजगार मिल सकेगा। इसी प्रकार खटौटी ;नदबईद्ध गांव के पास खाली पड़ी सरकारी भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाये। वर्तमान में भरतपुर, बयाना के औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड नहीं है। यदि खटोटी को नया औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिया जाता है वो यहां तेजी से नये उद्योगों की स्थापना होगी जिससे क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या.21 के पास मई गुजर गांव में स्थित 9 हेक्टेयर भूमि पर भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के सहयोग से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किलिंग एवं इंटरनेशनल स्किलिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना कराई जाये। इन संस्थानों में युवाओं को अन्तर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा जिससे उन्हें देश विदेश मे रोजगार के अवसर प्राप्त होगें। इसी प्रकार हनी एक्सीलेंस सेंटर महिला जेल व सरसों अनुसंधान केंद्र के बीच खाली पड़ी भूमि पर किया जाये ताकि मधुमक्खी पालकों को प्रशिक्षण के दौरान सरसों अनुसंधान केंद्र की प्रयोगशालाओं का लाभ भी मिल सके ।