स्कीम-10 में आवंटित भूमि को हॉस्पिटल के कब्जे मे देने की मांग, समृद्ध भारत अभियान के निदेशक ने जिला कलेक्टर को लिखा पत्र
भरतपुर (विष्णु मित्तल) आरबीएम चिकित्सालय के विस्तारीकरण के लिए नगर विकास न्यास (वर्तमान मे भरतपुर विकास प्राधिकरण) ने करीब 4 वर्ष पहले स्कीम -10 में से चिकित्सालय को आवंटित की गई 25 हजार वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा दिलाने के लिए समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर को पत्र लिख कर मांग की है कि भविष्य में चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए यह भूमि की अत्यंत आवश्यकता है। यदि आरबीएम को इस भूमि पर कब्जा नहीं दिया तो चिकित्सालय के विस्तारीकरण के कार्य पूर्ण रूपेण रुक जायेगा ।
गुप्ता ने पत्र में कहा है कि आरबीएम चिकित्सालय के नवीन भवन का उद्घाटन देश के प्रधान मंत्री ने वर्चुअल रूप से किया और वे चाहते है कि आधुनिक चिकित्सा सेवायें भरतपुर व आसपास के क्षेत्र के रोगियों को मिले। यदि चिकित्सा विस्तारीकरण के लिए यह भूमि नही दी गई तो प्रधानमंत्री का सपना पूरा नही हो सकेगा। उन्होंने पत्र में यह भी कहा है संविधान के अनुसार एक कल्याणकारी राज्य को जनता के हित व सरोकार सर्वोपरि रखे जाते है। न कि व्यावसायिक एवं आर्थिक हित रखे जाते हैं ऐसी स्थिति में बीडीए को शीघ्र इस आवंटित भूमि को चिकित्सालय के लिए सौंपना चाहिए।
समृद्ध भारत अभियान के निदेशक ने यह सुझाव दिया है कि बीडीए शहर के विकास के लिए आर्थिक स्रोत विकसित करने हेतु पुरानी कलेक्ट्रेट की जमीन को दुकानों के रूप मे नीलाम कर सकती है। यदि पुरानी कलेक्ट्रेट की जमीन पर नई दुकाने बनती है तो यहां शानदार बाजार विकसित हो सकता है। चूंकि शहर का निरंतर विस्तार हो रहा है ऐसी स्थिति में शहरवासी दैनिक उपयोग का सामान खरीदने के लिए शहर के भीड़भाड़ वाले बाजार में जाने के स्थान पर इस विकसित बाजार से सामान खरीदने में रुचि लेंगे। एवं बाद में विकसित होने वाली कॉलोनियों का यह भविष्य का बाजार होगा ! जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव भी कम होगा और प्रदूषण स्तर में कमी आ सकेगी ।

