गुरुद्वारा में वीर बाल दिवस पर बलिदान और वीरता को किया याद
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। शहर के बाईपास रोड़ पर स्थित गुरुद्वारा नानकदेव जी में सोमवार को वीर बाल दिवस का आयोजन हुआ। इस अवसर पर स्कूली बच्चों एवं शहर के गणमान्य जनों को आमंत्रित किया गया। नरेना गुरुद्वारा के ग्रंथी बाबा भानसिंह ने उपस्थित संगत को बताया कि वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाया जाता है, जो सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों, साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी के सर्वोच्च बलिदान और वीरता को याद करने के लिए समर्पित है। इन नन्हे शहीदों ने धर्म और सच्चाई के मार्ग पर अडिग रहते हुए मात्र 9 और 6 वर्ष की आयु में दीवार में चुनवा दिए जाने के बावजूद अपने सिद्धांतों को नहीं त्यागा और इसी बलिदान को सम्मान देने के लिए यह दिन मनाया जाता है।
गुरुवाणी से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और पंगत प्रसाद के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा ईश्वर सिंह ने बच्चों को सर ढक कर पैर धौने के बाद गुरुद्वारा साहिब में प्रवेश कर गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन करने की प्रक्रिया समझाई। सरदार जसवीर सिंह खालसा ने बच्चों को गुरु पुत्रों की तरह न्याय व धर्म पर अडिग रहने की बात कही। इस अवसर पर पूर्व सैनिक नारायण सिंह खिङिया, पन्ना राम, विहिप प्रांत सम्पर्क प्रमुख श्याम सुन्दर स्वामी, आरएसएस के श्याम सुन्दर पारीक, शंभू दयाल इंदौरा, चंपा लाल शर्मा, सीता राम इंदौरा, गौतम इंदौरा, सम्पत सिंह, राजूराम चौधरी, देवेश स्वामी सहित अन्य जने मौजूद रहे। सीताराम इंदौरा व शंभू जी इंदौरा द्वारा इस अवसर पर उपस्थित सभी बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की गई। अंत में बोले सो निहाल, सत श्री अकाल व वाहे गुरु जी दा खालसा - वाहे गुरु जी दी फतेह के नारे से कार्यक्रम का समापन हुआ।