खाद माफियों की बल्ले-बल्ले, किसान बोले बाबा इन्हे सुधार दो - यूरिया कट्टा 350 रूपए हुआ पार
भरतपुर, (विष्णु मित्तल) प्रशासन एवं कृषि विभाग की लापरवाही एवं सरकारी त़न्त्र कमजोर नजर आने से भरतपुर शहर सहित बयाना, उच्चैन, रूपबास, नदबई उपखण्ड क्षेत्र में खाद माफियों सक्रिय है, जो यूरिया कट्टा 267.50 के स्थान पर 350 से 400 रूपए तक बेच कर किसानों का शोषण करने से नही चुक रहे है। ऐसा होने से किसान अब जिले के निवासी एव राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पडौसी जिला दौसा निवासी एवं कृषि मंन्त्री डाॅ.किरोडीलाल मीणा की ओर नजर कर खाद माफियों पर अंकुश लगाने एवं उचित दर पर खाद दिलाने की मांग करने लगे है। यदि ऐसा नही हुआ, तो किसान खाद विक्रेता और कृषि विभाग के अधिकारियों का धेराव करने को मजबूर हो सकते है।
किसानों ने कृषि मंत्री डाॅ.किरोडीलाल मीणा को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भेज कर बताया कि अब हमे बाबा पर पूरा भरोसा है, जो हमारी आवाज को सुनकर खाद माफियों के खिलाफ कार्यवाही करा सकते है, ये जो कहते है, वह करके दिखा देते है और आमजन के हित में आवाज उठाते है।
किसान-मजदूर एकता संघ के जिलाध्यक्ष रामपाल जाटव ने बताया कि भरतपुर शहर की सरसों मण्डी एवं अन्य स्थान सहित बयाना, उच्चैन, रूपबास, नदबई खाद की कालाबाजारी एवं जमाखोरी केन्द्र बने हुए, जहां कई थोक खाद विक्रेता भरतपुर, हिण्डोन सिटी, अलवर में खाद की रेक लगते ही उसे खुदरा विक्रेताओं को 280 से 290 रू में बेच देते है, जबकि ये उसके 267.50 रू पर खुदरा विक्रेता को कमीशन काट कर पक्का बिल थमा देते है, ये गलत है, उसके बाद खुदरा विके्रता मनमानी दर से खाद बेचता है। कृषि विभाग ने भरतपुर, बयाना, वैर, भुसावर, नदबई उपखण्ड मे ंसाल 2025 में कार्यवाही की, कई विक्रेताओं के लाईसेंस रद्द किए, लेकिन वे कुछ दिन बाद ही बहाल कर दिए। ऐसा क्यो हुआ। उन्होने बताया कि कृषि विभाग भरतपुर शहर सहित बयाना, उच्चैन, रूपबास, नदबई में जल्द कार्यवाही करे, वरना मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया जाऐगा और कृषि विभाग के अधिकारियों का धेराव किया जाऐगा।
भरतपुर शहर के निकटवर्ती गांव उवार निवासी किसनलाल व मदन सिंह ने बताया कि भरतपुर शहर में सरसों मण्डी वेयर हाऊस के सामने वाली सडक पर एक थोक व खुदरा विक्रेता के पास यूरिया लेने गए, उसने 380 रू में यूरिया दिया और उसकी रसीद नही दी। एक विक्रेता था, जो स्वयं को सीएम का मित्र बता रहा था, उसका कहना था कि हमारी पहुंच बडी है, कृषि अधिकारी क्या कृषि मंत्री भी कुछ नही बिगाड सकता है, हम चाहे वह अधिकारी जिले में नौकरी करेगा। उसी दुकान के पास वाला दूसरा खाद विक्रेता बोला कि बाबा क्या कर लेगा, वह कौन है, कई बाबा देखे है, इस बाबा की क्या हिम्मत, जो हमारी को रोक सके, हम यूरिया 350 से कम नही देंगे। चाहे किसी से शिकायत कर लों