गोविन्दगढ़ में करंट लगने से लंगूर की मौत, हनुमान जी का रूप मानकर विधि-विधान से हुई अंतिम-क्रिया, विशाल भंडारा आयोजित
अलवर जिले के गोविंदगढ़ कस्बे में कुछ दिन पहले एक लंगूर की करंट लगने से मौत हो गई थी। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने लंगूर की मौत पर शोक व्यक्त किया और उसे हनुमान जी का रूप मानकर विधि-विधान से लंगूर की शव यात्रा निकाली और उसका अंतिम संस्कार भी किया।
फोटो कैप्शन- हिंदू रीति-रिवाजों से किया अंतिम संस्कार
कस्बे के व्यापारियों ने बताया- 24 दिसंबर को बस स्टैंड के पास लगे बिजली के खंभे पर करंट की चपेट में आने से लंगूर की मौत हो गई थी। लंगूर के प्रति सम्मान दिखाने के लिए स्थानीय व्यापारियों और गौ सेवकों ने बैंड-बाजों के साथ लंगूर की शव यात्रा निकाली और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।

विशाल भंडारा लगाया गया है
कस्बे को लोगों और व्यापारियों ने लंगूर की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। शनिवार को व्यापारियों ने लंगूर की आत्मा की शांति के लिए सुंदर कांड का पाठ, सत्संग, हरि कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन किया।

- 5 हजार से ज्यादा लोगों ने ली प्रसादी
सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले भंडारे में करीब पांच हजार से ज्यादा लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। व्यापारियों ने बताया कि इस भंडारे में लगभग 1.25 लाख रुपए का खर्च आया है।

इसके बाद बस स्टैंड पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें लोगों ने श्रमदान कर प्रसाद ग्रहण किया और ईश्वर से लंगूर की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।


