गोविंदगढ़ सीबीईओ ने रामबास स्कूल का औचक निरीक्षण किया: देरी से पहुंचे स्टाफ को नोटिस, स्टूडेंट्स से ब्लैकबोर्ड पर हल कराए सवाल
गोविन्दगढ़, (अलवर) सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के गिरते स्तर और अनुशासनहीनता को लेकर शिक्षा विभाग अब सख्त रुख अपना रहा है। शुक्रवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) विश्वजीत ने गोविन्दगढ़ क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, रामबास में बड़ी लापरवाही सामने आई, जहाँ कई शिक्षक और कर्मचारी समय पर स्कूल नहीं पहुँचे थे।
अनुशासन पर कड़ा प्रहार: कटेगा वेतन:-
निरीक्षण के दौरान स्टाफ की अनुपस्थिति और देरी पर गहरी नाराजगी जताते हुए सीबीईओ ने स्पष्ट किया कि "शिक्षकों की लेटलतीफी का सीधा असर बच्चों के भविष्य पर पड़ता है।" उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि भविष्य में यदि कोई भी कर्मचारी देरी से आता है, तो उसकी एक दिन की सैलरी काटी जाएगी। देरी से आने वाले सभी कार्मिकों को तत्काल 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
क्लास रूम में खुद बने शिक्षक:-
निरीक्षण केवल हाजिरी रजिस्टर तक सीमित नहीं रहा। सीबीईओ विश्वजीत ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को परखा और उनसे ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न हल करवाए। उन्होंने शिक्षकों को सख्त हिदायत दी कि वे शिक्षक डायरी में पूरी योजना बनाकर ही कक्षा में पढ़ाएं, ताकि शिक्षण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो सके।
प्रार्थना सभा है अनुशासन की नींव:-
विश्वजीत, सीबीईओ, गोविन्दगढ़ ने बताया कि प्रार्थना सभा में सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करते हुए कहा कि स्वस्थ और अनुशासित विद्यार्थी ही शिक्षा में अव्वल आ सकते हैं। उन्होंने स्कूल परिसर में सकारात्मक माहौल बनाने और स्वास्थ्य शिक्षा पर जोर देने के निर्देश दिए।
शिक्षक समय की पाबंदी का पालन करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विद्यालय में सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रिंसिपल नवीन पाण्डेय, मोतीलाल मीणा, समय सिंह, मोहित, तेजसिंह सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।