गोविंदगढ़ मे औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप: जिला कलेक्टर ने जांची फाइलें, वीसी रूम में बिजली बैकअप न होने और भवन के पास गंदगी मिलने पर जताई नाराजगी
गोविन्दगढ़, (अलवर) जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला गुरुवार शाम अचानक गोविंदगढ़ उपखंड और तहसील कार्यालय पहुंचीं। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाओं और गंदगी को देख जिला कलेक्टर काफी सख्त नजर आईं और अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के कड़े निर्देश दिए।
रिकॉर्ड रूम और जनसुनवाई कक्ष की बारीकी से जांच:- शाम करीब 4:00 बजे उपखंड कार्यालय पहुंचीं जिला कलेक्टर ने सबसे पहले उपखंड स्तरीय जनसुनवाई कक्ष और रिकॉर्ड रूम का जायजा लिया। उन्होंने लंबित परिवादों (शिकायतों) की वर्तमान स्थिति जानी और संबंधित दस्तावेजों को खंगाला। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए।
- वीसी रूम में बिजली बैकअप नहीं, कलेक्टर ने पूछा- लाइट गई तो कैसे होगी मीटिंग?
तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) रूम में इनवर्टर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि बिना पावर बैकअप के महत्वपूर्ण बैठकों में बाधा आना तय है।
उन्होंने अविलंब वीसी रूम में इनवर्टर लगवाने के निर्देश दिए। वहीं, आफिस कानूनगो कक्ष में गिरदावरी की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया और रिकॉर्ड को प्रतिदिन अपडेट करने को कहा।
3 दिन में देनी होगी सेवाओं की जानकारी, घुमंतू परिवारों की चिंता :-
कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से निर्देश दिए कि उपखंड और तहसील कार्यालय द्वारा आमजन को दी जा रही समस्त सेवाओं की जानकारी सूचना पत्र के माध्यम से तीन दिन के भीतर बोर्ड पर चस्पा की जाए।
इसके साथ ही मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए उन्होंने 28 तारीख को विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। यह शिविर मुख्य रूप से उन घुमंतू परिवारों के लिए होगा जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं, ताकि उन्हें सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।
गिरदावरी रिकॉर्ड को लेकर सख्त रुख:-
तहसील के आफिस कानूनगो कक्ष में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने गिरदावरी की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि रिकॉर्ड अपडेशन में देरी हो रही है।
इस पर सख्ती दिखाते हुए उन्होंने निर्देशित किया कि प्रतिदिन का रिकॉर्ड रोजाना अपडेट किया जाए ताकि सरकारी कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।
गंदगी देख भड़कीं कलेक्टर, तहसीलदार को दिए निर्देश -
निरीक्षण कर जब जिला कलेक्टर भवन से बाहर निकलीं तो दीवारों के पास जमा गंदगी और कूड़े के ढेर को देखकर उनका पारा चढ़ गया।
उन्होंने परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान न देने पर तहसीलदार को फटकार लगाई और तत्काल पूरी तहसील परिसर को स्वच्छ करने के निर्देश दिए।

